इस तरह डॉक्टरों के इंतजार में बैठे रहते हैं ग्रामीण

झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
पेटलावद क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं अब लचर स्थिति में पहुंच चुकी है। मरीजों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधा दिलाने के लिए बेकल्दा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोला गया डॉक्टर के अभाव में रविवार रात 15 वर्षीय बालिका ममता पिता पूनमचंद की मौत हो गई। झाबुआ लाइव के ने पहले ही सचेत किया था और6 अक्टूबर को ‘वर्षों से डे्रेसर के के भरोसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गर्भवती महिलाओं को हो रही फजीहत’ नामक शीर्षक के साथ बेकल्दा में हो रही मरीजों की समस्याओं से अवगत करवाया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर इस समाचार के बाद भी नहीं जागे और नतीजा एक 15 वर्षीय बालिका की मौत के रूप में परिजनों को भुगतना पड़ा। मामले के मुताबिक पिछले कई माह से बेकल्दा में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल है लेकिन जिम्मेदार आला अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। स्वास्थ्य विभाग में बैठे आला अधिकारियों की मानव संवेदना शून्य हो चुकी है। नतीजा इसका परिणाम ग्रामीण मरीजों को कभी अपनी बीमारियों से जूझ कर तो कभी अपनी जिंदगी हारकर भुगतान कर रहे हैं। बेकल्दा स्वास्थ्य केंद्र के हालात इतने दयनीय हो चुके हैं कि इस केंद्र पर 50 हजार का बिजली बिल बकाया है इसलिए इसकी बिजली लाइट कट चुकी है और रात के समय अस्पताल अंधेरे में डूबा रहता है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को इनसे कोई लेना-देना नहीं है। गौरतलब है कि पेटलावद से करीब 25 किमी दूर ग्राम पंचायत मुख्यालय बेकल्दा की है। आठ ग्राम पंचायत के केन्द्र बिंदु इस स्थान पर ग्रामीणों की सुविधा के लिये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोला गया था। इस केन्द्र के अंतर्गत करीब 12 उपस्वाथ्य केन्द्र कार्यरत है। लेकिन हैरत की बात है कि इस मुख्यालय पर मरीजों को देखने को लिए एक स्थाई डॉक्टर की नियुक्ति भी नही हो सकी। मजबूरी में ग्रामीण क्षेत्र के करीब 5 हजार की आबादी के मरीजों को परेशान है। ही महज खानापूर्ति के लिए यहां पर डिलेवरी प्वाइंट भी बना रखा है लेकिन क्षेत्र की प्रसूताओं पीड़ा झेलकर पेटलावद तथा अन्य स्थानों पर पहुंचकर डिलेवरी करवाने को मजबूर है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक ड्रेसर व एक एएनएम के भरोसे हैं, तो ग्रामीण मरीज ड्रेसर के भरोसे अपना इलाज करवा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *