जितेंद्र वाणी, नानपुर आलीराजपुर जिले की तीती ग्राम पंचायत में 5 वर्षीय शिवराज मंडलोई सरकारी सिस्टम की लापरवाही का शिकार है। यह मासूम दृष्टिहीन होने के साथ-साथ हाथ और पैरों से पूरी तरह दिव्यांग है। जन्म के समय ही इसकी मां का निधन हो गया था और पिता दूसरी शादी कर गुजरात चला गया। अब इस बच्चे का लालन-पालन उसकी वृद्ध दादी रंगली कर रही है। वह पोते को चारपाई पर अकेला छोड़कर दो किलोमीटर दूर दूसरों के घरों में बर्तन-कपड़े धोकर रोजी-रोटी का जुगाड़ करती है। https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2026/08/WhatsApp-Video-2026-08-19-at-6.19.36-PM.mp4 दादी रंगली ने बताया कि वह पोते की मदद के लिए कई बार जिला मुख्यालय के चक्कर लगा चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग, ग्राम पंचायत और आंगनवाड़ी से कोई सहायता नहीं मिली। हद तो यह है कि पति की मौत के बाद रंगली को स्वयं ‘संबल योजना’ का लाभ तक नहीं मिला। जिम्मेदारों की लगातार अनदेखी और घोर गरीबी से हार चुकी दादी अब मजबूर है। बड़ा सवाल यह है कि क्या कोई जिम्मेदार अधिकारी इस गरीब परिवार की आवाज बनेगा? Post navigation नागपंचमी और तीसरे सोमवार पर महाकालेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब; बाबा महाकाल का हुआ श्रृंगार वर्षों की गुहार के बाद भी नहीं मिली पेंशन, आखिरकार बुजुर्ग शांति बाई का निधन हुआ