जितेंद्र वाणी, नानपुर जिले के नानपुर निवासी करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला शांति बाई का आखिरकार निधन हो गया। घोर गरीबी और बदहाली में जीवन यापन कर रहीं शांति बाई के पैर में वर्षों से सड़न (गंभीर संक्रमण) थी, जिसके कारण वे लगातार पीड़ा झेल रही थीं। इस संबंध में विगत दिनों प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान भी आकर्षित कराया गया था। वृद्धावस्था पेंशन और अन्य बुनियादी सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए शांति बाई ने अपने जीवनकाल में कई बार जिला मुख्यालय के चक्कर काटकर अधिकारियों से गुहार लगाई थी। इसके बावजूद न तो ग्राम पंचायत ने उनकी सुध ली और न ही स्वास्थ्य विभाग ने समुचित इलाज की व्यवस्था की। अंततः बिना किसी प्रशासनिक मदद और उपचार के अभाव में इस बेबस बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया। परिजन द्वारा अंतिम संस्कार किए जाने के दौरान क्षेत्र में इस प्रशासनिक संवेदनहीनता की भारी चर्चा रही। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते शासन-प्रशासन से वृद्धा को पेंशन, इलाज या आर्थिक सहायता मिल जाती, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। Post navigation सिस्टम की संवेदनहीनता, दिव्यांग पोते के लिए दर-दर भटक रही बेबस दादी सावन सोमवार के जुलूस में घुसा तेज रफ्तार डंपर, एक श्रद्धालु गंभीर घायल