झाबुआ। कैथोलिक डायोसिस द्वारा शनिवार को सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. केके त्रिवेदी द्वारा गायत्री परिवार एवं उनके सिद्धांत एवं विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया। गायत्री परिवार के गुरूदेव पंडित राम शर्मा आचार्य के विचार क्रांति उनके युग निर्माण योजना जिससे व्यक्ति का निर्माण, परिवार एवं समाज का निर्माण होता है। प्रजापिता ब्रम्हकुमारी आश्रम की जयंती दीदी द्वारा ओम शांति के उच्चारण से मन मस्तिष्क में ऊर्जा का संचार होता है जो दैनिक जीवन में एकाग्रता के साथ सभी प्रकार के कार्यो को करने में सहायक होता है। मानव को अपने जीवन में नैतिकता को धारण करना चाहिए। जिससे मनुष्य मानवीय दृष्टिकोण से एक-दूसरे की सहायता कर सके। प्रत्येक धर्म प्रेम की राह पर चलने की शिक्षा देता है और प्रत्येक धर्म प्यार, खुशी एवं शांति का जीवन जीना सिखाता है। मौलाना खुर्शीद अहमद खान कादरी निजामी द्वारा इसाई धर्म की विशेषताएं एवं उसके इतिहास पर प्रकाश डाला, मुस्लिम धर्म के अनुसार कुरआन में हजरत ईसा अलैहिससलाम एवं उनकी मां मरियम का जिक्र है। जिसमें मां मरियम की पवित्रता एवं इसा द्वारा किए गये चमत्कारों का वर्णन हैं। विनोद कुमार जयसवाल, गायत्री परिवार ने जैन धर्म की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया की जैन धर्म प्राचीनतम धर्मो में से एक है। जिनके प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव व अंतिम 24 तीर्थकर महावीर है। जिनका जीवन त्याग एवं तपस्या से परिपूर्ण था। उनकी शिक्षा अनुसार यदि मनुष्य ज्ञान प्राप्त करना चाहता है तो उसे अपने मन की बुराईयों को दूर करना होगा और अच्छाईयों के गुणों से अपने चरित्र का निर्माण करना होगा, क्योंकि सकारात्मक दृष्टिकोण न केवल मनुष्य वरन संसार को बदलने की क्षमता रखता है।

यशवंत भंडारी ने इस्लाम धर्म की खुबियां बताते हुए अपने वक्तव्य में बताया कि इस्लाम धर्म का अर्थ है शांति-सुरक्षा और समर्पण इस्लाम धर्म के अनुयायी एक ही ईश्वर को मानते है जिसे वे अल्लाह या खुदा कहते हैं, इस्लाम धर्म के अनुसार ईश्वर धरती पर मनुष्यों के मार्गदर्शन के लिये समय समय पर किसी व्यक्ति को अपना दूत बनाकर भेजते है जिसे नबी कहा जाता है। ईस्लाम धर्म के प्रवर्तक पैगम्बर मोहम्मद है जो अमन एवं शांति के प्रतीक है। इस्लाम के पांच स्तंभ शहादत, सलात, रमजान, जकात और हज है जिसका पालन प्रत्येक मुस्लिम अनुयायी करता है।

फादर लौरेंन्स द्वारा हिन्दू धम्र की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुवे हिन्दुओं के पवित्र ग्रन्थ, रामायण और भगवत गीता पर आधारित संस्मरणों द्वाा हिन्दू धर्म की विशेषताएं जो सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा, दान, जप एवं तप पर आधारित है से परिचय कराया। रामायण एवं भगवत गीता दोनोंं ही पवित्र धर्म ग्रंथ बुराई पर अच्छाईयों की जीत को दर्शातें है। कैथोलिक डायोसिस झाबुआ की ओर से सद्भावना संदेश फादर पीटर खराड़ी वीजी झाबुआ धर्मप्रांत द्वारा पढ़ा गया। सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन फादर रॉकी शाह डायोसिस पीआरओ द्वारा किया गया। आनंद खड़ीया एवं लेवनार्ड वसुनिया की टीम द्वारा सर्वधर्म गीतों का गायन किया गया। कार्यक्रम का संचालन राजू डामोर एवं आभार प्रो. रीता गणावा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान गणमान्य नागरिक, फादर्स, सिस्टर्स एवं बच्चे उपस्थित थे।

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