झाबुआ लाइव के लिए खरडूबड़ी से सिराज बंगडवाला की रिपोर्ट-
समाज और कुटुम्ब ने मिलकर एक युवक और किशोरी को शादी करने से रोका तो दोनों ने साथ जी ना पाने की हालत में साथ में मरना पसंद किया। दोनों ने खलिहान में एक साथ पहले कीटनाशक पी और फिर एक ही खटिया पर लेटकर अपनी जान दे दी। मामला झाबुआ जिला मुख्यालय से महज 12 किलोमीटर दूर खरडूबडी गांव का है। अब झाबुआ पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है। झाबुआ के टीआई आरसी भास्करे के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि उमरिया दरबार गांव की 16 साल की लड़की रमा और छोटीवगई गांव का 18 साल का महेश भाबोर एक ही स्कूल में 10वीं कक्षा में वगई हाईस्कूल में पढ़ते थे। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम-संबंध हो गया और पहले परिवार-समाज में शादी की संभावनाएं दोनों ने तलाशी लेकिन समाज-परिवार और कुटुम्ब इस कारण तैयार नहीं हुआ क्योंकि लड़के महेश का मामा और लड़की रमा दोनों की जाति डामोर थी। इस नाते समाज के अनुसार रमा तो महेश के परिवार की भांजी हुई इसलिए कड़ा विरोध किया गया। कल शनिवार को दोनों भाग निकले और खरडूबडी गांव के बाहर स्थित एक सूने खेत-खलियान में जाकर पहुंचे और वहीं वक्त व्यतीत किया फिर संभवत: रमा और महेश इस नतीजे पर पहुंचे कि समाज-परिवार मानेगा नहीं उन्हें साथ जीने नहीं देगा तब दोनों ने तय किया कि वे साथ में मर तो सकते है उसके बाद कीटनाशक पीकर दोनों सो गये और उनकी मौत हो गई। लड़के महेश के परिवार के वृद्ध अदिया भाबोर कहते है कि यह सही है कि दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन हमारे समाज की परंपराओं के अनुसार यह संभव नहीं था। कल शाम को दोनों भाग निकले उसके बाद हमें सुबह 11 बजे यह सूचना मिली की दोनों मरे पड़े हुए है।

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