हरीश राठौड़, पेटलावद धर्म में दान का स्थान सबसे ऊपर बताया गया है। दान के बाद शील, तप और भाव को स्थान दिया गया है जो दूसरों को देना का काम करता है यानी दान करता है वहीं पर स्वर्ग है। सामने वाला आपसे मदद मांगे या नहीं किंतु आपके देने का मन होना चाहिए तभी आपका जीवन सफल है। दान में दो बाते महत्वपूर्ण है। दान में प्रेम और परोपकार होना चाहिए जिसे भी दे प्रेम से दे और परोपकार करे। उक्त बात 300 से ज्यादा उत्कृष्ट साहित्यिक पुस्तकों के रचयिता, पद्यभूषण से सम्मानित, द गोल्डन बुक अवार्ड विजेता, साहित्यकार सरस्वती लब्धिप्रसाद, लाखों युवाओं के ह्दय परिवर्तक,ओजस्वी वक्ता परम पूज्य आचार्य भगवंत श्रीमद विजयरत्न सुंदरसूरीश्वरजी मसा ने नगर में आयोजित सदप्रवचन कार्यक्रम में व्यक्त किए। इस अवसर पर संतश्री ने कहा कि हमने बहुत सारी प्रार्थना कर ली पर आज से आप प्रार्थना करे कि हे प्रभु किसी छोटे बच्चे को अपनी मां न गवाना पड़े। हे प्रभु कभी किसी युवा स्त्री को अपनी पति न खोना पड़े और हे प्रभु वृद्वा अवस्था में किसी माता पिता को अपना जवान बेटा न खोना पड़े। अगर ऐसी प्रार्थना कर ली तो जीवन धन्य हो जाएगा। संतश्री ने कहा कि आज देश में कई संस्थाएं है जो विभिन्न तरह के कामकाज सिखाते है ज्ञान देते है कौशल देते है पर जो जीवन में सबसे ज्यादा आवश्यक है वह है मन की प्रसन्नता उसका कोई पाठ नहीं पढ़ाता है। आपने आगे कहा कि बोली का सर्वाधिक महत्व है कैसे बोला जाए यह महत्वपूर्ण होता है एक कहता है बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला तो दूसरा कहता है देखो मगर प्यास से हम जमकर बोले मगर जो बोले प्यार से, आज असमजंस की स्थिति है सुख चाहिए कि सुख देना चाहिए। किसान को फसल चाहिए तो उसे बीज बोना पड़ता है उसी तरह से हमें सुख चाहिए तो सुख देने की प्रक्रिया करना ही पड़ेगी। नगर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक दिन था जब मूर्तिपूजक जैन श्वेतांबर समाज के 33 साधु साध्वियों ने 15 संत व 18 साध्वियों के साथ मंगल प्रवेश किया। देव दर्शन यात्रा निकाली इस अवसर पर जैन समाज द्वारा एक विशाल देव दर्शन यात्रा निकाली गई। यात्रा नगर के मुख्य मार्र्गो से निकली जिसमें गुरूदेव ने प्रसिद्व आदेश्वरनाथ बड़ा जैन मंदिर और सुविधी नाथ जैन मंदिर की प्रतिमाओं का दर्शन कर आराधना प्रार्थना की। पश्चात स्थानीय खुशबू गार्डन में विधायक निर्मला भूरिया नगर परिषद अध्य मनोहर भटेवरा ने समग्र जैन समाज की उपस्थिति में साधु साध्वियों की अगवानी की।बालिका मंडल द्वारा मंगल गान गाया गया तो अशुंल भंडारी ने स्तवन प्रस्तुत किया। विधायक निर्मला भूरिया ने शब्दों के माध्यम से गुरूदेव के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की व ऐसी ही कृपा आने वाले समय में बेत्र पर बनाए रखने का निवेदन किया।मंदिर मार्गी अध्यब सुरेंद्र भंडारी, कांतिलाल झालोका, स्थानक वासी संघ अध्यक्ष नरेंद्र कटकानी, तेरापंथ के अध्यक्ष झमकलाल भंडारी ,त्री स्तुति संघ के अध्यब प्रमोद मोदी, दिगंबर समाज के अध्यक्ष चिंतन मंडलोई, आदिनाथ पेडी के अध्यक्ष रखब भंडारी सहित आसपास के कई श्री संघों व कई जैनेतर लोगों ने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज करवाई। अंत में स्वामी वात्सल्य का आयोजन भी किया गया। संचालन राजेंद्र कटकानी ने किया। Post navigation मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना में लेपटाप वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 99 विद्यार्थियों को किया भोपाल रवाना निलेश सोनी सराफा के प्रभारी नियुक्त