लोहित झामर, मेघनगर

मेघनगर के मंडी मैदान में चल रही छह दिवसीय श्री राम कथा में मंगलवार को भगवान श्री राम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के जन्म के साथ ही जय जय श्रीराम के जयघोष लगाए। भगवान के जन्म पर गुलाल और पुष्प की वर्षा की गई। राम जन्मोत्सव के लिए कथा पांडाल को भव्य रूप से सजाया गया था।

8 सितम्बर से चले रहे श्री रूद्राक्ष महाभिषेक के तीसरे दिन मंगलवार को सुबह की पाली में वठ्ठा, हरिनगर, काकनवानी, चैखवाड़ा मंडल के तीन दर्जन से अधिक गांवों से 150 से अधिक वनवासी बंधुओं ने यज्ञाचार्य आयुष जोषी के मार्गदर्षन में रूद्राक्षभिषेक किया इस दौरान सहयोग के लिए सिद्धी पीठ हनुमंत आश्रम पिपलखुंटा के बटुक ब्राहम्णों की टोली ने सक्रिय भूमिका अदा की। सांय काल में झायड़ा और पिपलिया मंडल के डेढ़ दर्जन गांवों से 60 से अधिक वनवासी बन्धुओं सहित मेघनगर के श्रद्धालुओं ने 2 लाख रूद्राक्ष से निर्मित महाषिवलिंग का महाभिषेक किया। इस अवसर पर श्री अम्बे माता आरोग्यधाम निपानिया धनवंतरी पीठाधीश्वर श्री श्री महामंडलेश्वर 1008 सुरेशानंद सरस्वती जी ने रुद्राक्ष के महत्व बताते हुए कहा कि यह मनुष्य के मनोरोग और तनाव को कम करने में सहायक सिद्ध होता है। वनौषधि चंद्रोदय नामक ग्रंथ में रुद्राक्ष से कैंसर, टीबी, मिर्गी, वात रोग, पित्त रोग, मोतीझरा सहित सांस से जुड़ी बीमारियों में रुद्राक्ष को एक दवा के रूप में बताया गया है। महामंडलेश्वर  ने रुद्राक्ष का धार्मिक महत्व भी बताया।

संघ अधिकारी भी हुए सम्मिलित

धर्म जागरण समन्वय एवं रूद्राक्ष महाभिषेक समिति द्वारा आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में धर्म जागरण प्रांत प्रमुख अभिषेक गुप्ता, राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के रतलाम विभाग सह कार्यवाह आकाष चैहान, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेष महामंत्री निरंजन कुमार सिंह, किषोर चैकसे विभाग संयोजक इंदौर, मुकेश वर्मा जिला संयोजक इंदौर, दिनेश गुप्त विभाग संयोजक रतलाम, शुभम पवार जिला बौद्धिक प्रमख झाबुआ ने सहभागिता की। आयोजन समिति की ओर से राजेंद्र सिंह सोनगरा, विक्की हाड़ा, सुवाल बारिया सहित समिति सदस्यों ने अंग वस्त्र भेट कर आंगतुक अधिकारियों का अभिवादन किया।

हिन्दुओं के लिए राम सर्वोपरि

राम कथा के दूसरे दिन कथावाचक कु. फाल्गुनी वैष्णव ने राम जन्म से जुड़ी प्रांसगिक घटनाओं का वृत्तांत सुनाते हुए कहा कि सनातन धर्म (हिंदूओं) के लिए भगवान राम एक धर्म है। हिन्दू धर्म के शास्त्रों, ग्रंथों और उपनिषदों में 33 कोटी देवी-देवताओं का उल्लेख है किंतु सबका परब्रह्म केवल एक है। भगवान ने अलग-अलग देश काल में मानव कल्याण के लिए धरती पर अलग-अलग रूपों में जन्म लिया। मनुष्य को अपना जीवन सार्थक करने के लिए अपने मन को नियंत्रित करना चाहिए। तन, धन और पद का मोह-लोभ मानवता को क्षीण करती हैं। हमें धर्म के रक्षार्थ हेतु हर स्तर पर तैयार रहना है। धर्म के ज्ञान के लिए शास्त्र और उसकी रक्षा के लिए शस्त्र का ज्ञान रखना होगा। कथा के उपरांत वनवासी बन्धुओं और माताओं भगिनियों ने रामायण जी की आरती का पुण्य लाभ लिया।

आज होगी खाटू श्याम की भजन संध्या

बुधवार रात्रि 8 बजे खाटू श्याम की भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा जिसमें जिले भर से श्याम प्रेमी शामिल होंगे। इस दौरान बाबा को छप्पन भोग लगाया जाएगा। बाबा के शीष का अलौकिक और आकर्षक श्रृंगार कर इंत्र, केसर और पुष्प वर्षा की जाएगी। गायक कलाकार निकिता सिंघारे, पारस पाटीदार और नवनीत परिवार म्यूजिकल ग्रुप सांरगी द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। धर्म जागरण समन्वय, रुद्राक्ष महाभिषेक समिति और श्याम परिवार ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में भजन संध्या में शामिल होने की मनुहार की है।

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