ब्रजेश श्रीवास्तव, छकतला ग्राम पंचायत कोसारीया के आमला गांव में ग्रामीणों ने एकजुट होकर सामाजिक सुधार की दिशा में एक साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। गांव की बेहतरी के लिए अब यहाँ शादियों और अन्य सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों में डीजे बजाने के साथ-साथ नशे के सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस नए नियम के तहत तेज आवाज वाले डीजे के बजाय अब केवल पारंपरिक ढोल और मांदल की ही अनुमति होगी। इसके साथ ही गांव में शराब, सिगरेट और तंबाकू की बिक्री पर भी पूर्ण रोक लगा दी गई है। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए ₹10,051 का भारी जुर्माना और सामान जब्त करने का कड़ा प्रावधान किया गया है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य युवाओं और बच्चों को फिजूलखर्ची और नशे की लत से बचाकर उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना है। ग्रामीणों का मानना है कि मेहनत की कमाई को शोर-शराबे और नशे में बर्बाद करने के बजाय परिवार के भविष्य निर्माण में लगाना जरूरी है, इसीलिए सर्वसम्मति से यह कड़ा कदम उठाया गया है। सरपंच गोविंद अवासिया, रुमालसिंह अवासिया, मुकेश, पटेल, कोटवार, आदि मौजूद रहें। सभी ने इस नियम का कढाई से पालन करने का आह्वान किया Post navigation लोक शिक्षण संचालनालय के सहायक संचालक ने किया पीएमश्री स्कूल छकतला का अवलोकन बारिश और ओलावृष्टि से भीगी गेहूं की फसल, किसानों को नुकसान