लोहित झामर, मेघनगर

सच्चे गुरू सदैव जीवन को सार्थक करते हुए आगे बढ़ने का मार्ग प्रषस्त करते है। गुरू के प्रति श्रद्धा आस्था और सम्मान के भाव को कभी कम नहीं करना चाहिए क्योंकि गुरू के बिना ज्ञान संभवन नहीं और ज्ञान के बिना जीवन का कोई मूल्य नहीं हैं। उक्त उद्गार राजेंद्र सिंह सोनगरा ने  गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित आचार्य सम्मान समारोह में व्यक्त किए।

सरस्वती शिशु मंदिर में गुरू पूर्णिमा पर्व उत्सव की तरह मनाया गया। भैया-बहनों ने उत्साह-उल्लास के साथ रंभापुर रोड़ स्थित परिसर में हवन-पूजन किया। गुरूजनों की चरण वंदना कर उनसे आर्षिवाद लिया। इस अवसर पर प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में पढ़न पाठने कराने वाले आचार्यजनों, प्रधानाचार्य एवं सेवक-सेविकाओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

विद्यालय समिति के कोषाध्यक्ष रमेश मेरावत एवं समाजसेवी राजेन्द्र सिंह सोनगरा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित सम्मान समारोह का शुभारंभ सरस्वती माता, और भारत माता के चित्र के सम्मुख दिप प्रज्जवन कर किया गया। प्रधानाचार्य धनराज काग द्वारा अतिथि परिचय कराया गया। विद्यालय की रश्मि शर्मा, सोनल नायक, रानी भूरिया, निर्मला नायक, हिना नायक ने सनातनी परम्परा के अनुसार अतिथियों का कुमकुम तिलक एवं पुष्प श्रीफल भेट कर अभिवाद किया। विद्यालय की दीदी उषा काग, राकेष शर्मा, भाग्यश्री हाड़ा, सीमा नायक, षिवानी राठौर ने गुरूपूर्णिमा की महत्ता पर अपने विचार साझाा किए। मुख्य अतिथि राजेन्द्र सिंह सोनगरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि सनातन परम्परा में गुरू को भगवान से भी ज्यादा महत्व दिया गया है। जन्म देने वाली माता से लेकर हमारी सांसारिक और आध्यामिक यात्रा के दौरान कई लोग गुरू के रूप में हमे मिलते हैं जो हमारे जीवन की दषा और दिषा तय करते हैं।  सोनगरा ने गुरु-शिष्य की महिमा के विषय पर कहा की अच्छी और ज्ञान की बाते सीखने में हमें कभी छोटा होने का भाव मन में नहीं लाना और ना ही जात-पात, ऊंच-नीच का भेद होना चाहिए। जहां से भी ज्ञान मिले ग्रहण करना चाहिए।

उपहार भेंट किए

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर में अपनी सेवाएं दे रही दीदीयों ,आचार्य, प्रधानाचार्य सहित सेवक-सेविकाओं को उपहार भेंट किए गए। कार्यक्रम में विद्यालय की प्रियंका बरमंडिया, नैना शर्मा, रेखा शर्मा , रेखा पडियार, निर्मला नायक, वीभा नायक सहित समस्त स्टाफ ने उत्साह से सहभागिता की। संचालन मंजरी शर्मा एवं आभार राकेश शर्मा ने माना।

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