चंद्रभानसिंह भदोरिया @ चीफ एडिटर झाबुआ ओर अलीराजपुर जिले के आदिवासियो के बीच लंबे समय से पर्यावरण ओर आदिवासियो की पारंपरिक संस्कृति को सहेजने ओर उनके कल्याण का काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता ओर पर्यावरण विद महेश शर्मा को भारत के अति महत्वपूर्ण सम्मानो मे से एक पद्मश्री से नवाजने की घोषणा गणतंत्र दिवस की पूव॔ संध्या पर भारत सरकार ने की है गोरतलब है कि महेश शर्मा अपने साथियों के साथ ” शिवगंगा ” नामक एक संस्था चलाते है जिसके जरिऐ वह आदिवासियो के समग्र विकास के साथ साथ ग्राम विकास ओर उनके स्वरोजगार को बढावा देने के प्रयास करते है ओर जल संरक्षण के लिए अलग अलग तरीकों से जल संग्रहण की दिशा मे काम करते है महेश शर्मा ओर उनके संगठन ने आदिवासियो की परंपरागत हलमा ओर मातानुवन को पुनर्जीवित किया है उनके प्रयासो से दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का एक तरीका मिला है जिसे हलमा कहते है हलमा यानी मिल जुलकर सामुहिक श्रम के जरिऐ समस्याओ का समाधान करना । मुलतः दतिया के रहने वाले महेश शर्मा संघ परिवार के विभिन्न आनुशांगिक संगठनों से जुडे रहे ओर सन 1998 मे वह झाबुआ आये ओर वनवासी कल्याण परिषद के जरिऐ उन्होंने आदिवासियो के बीच काम किया ओर फिर शिवगंगा अभियान लांच किया गया । सन 2007 मे महेश शर्मा जी स्वतंत्र रुप से काम करने लगे ओर झाबुआ के समीप धरमपुरी को अपना आश्रम बनाया Post navigation थांदला विधायक का तुगलकी फरमान, अपने विधानसभा क्षेत्र प्राचार्यों को भेजी अपनी समर्थकों की सूची और लिखा गणतंत्र दिवस पर इनसे करवाओ झंडावंदन प्रेमी संग भागी महिला के ससुराल वालो काटे बाल ; जबरन पुरुष को कंधे पर बैठाकर घुमाने का बनाया दबाव