विपुल पंचाल, झाबुआ

राष्ट्रीय कार्यशाला का उदघाटन में मुख्य अतिथि अतुल कोठारी (राष्ट्रीय सचिव),अजय तिवारी सागर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ,विधायक शांतिलाल बिलवाल, देशराज शर्मा राष्ट्रीय संयोजक,  अशोक कड़ेल क्षेत्रीय संयोजक, ओम शर्मा प्रान्त संयोजक द्वारा कार्यशाला का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीपप्रज्वलित व माल्यर्पण कर किया गया। ततपश्चात केशव इंटरनेशनल के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी गयी ।स्वागत भाषण किरण शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अतिथियों का स्वागत समस्त संस्था प्राचार्यों द्वारा किया गया। इस शुभारंभ पर मुख्य अतिथि अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव द्वारा संबोधित करते हुए बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य चरित्र निर्माण व व्यक्तित्व विकास की प्रथम कार्यशाला झाबुआ से ही शुरू हुई ।चरित्र निर्माण विषय सतत जारी रहने वाला विषय है सतत अभ्यास व्यक्ति के जीवन मे बदलाव लाता है ।बिना साधना किये किसी भी ज्ञान की कल्पना व्यर्थ है हमारा संकल्प , देश को बदलना है तो शिक्षा को बदलो। विधायक शांतिलाल बिलवाल द्वारा सम्बोधन देते हुए बताया कि आजादी के बाद विकास तो हो रहे है लेकिन व्यकितत्व विकास निरन्तर अभ्यास में आवश्यक है इस कार्यशाला के मंच पर आने के पहले ही मुझे व्यक्तित्व विकास का परिचय मिल गया । युवाओं के चरित्र निर्माण में व्यक्तित्व विकास के लिए इस प्रकार की कार्यशाला होना आवश्यक है।देशराज शर्मा राष्ट्रीय संयोजक ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि चरित्र निर्माण शिक्षा की रीढ़ है।माँ की कोख से ही चरित्र निर्माण का विकास होने लगता है।स्वामी विवेकानंद सागर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति तिवारी पंचकोश शिक्षा की अवधारणा पर कार्य करने के लिए ऊर्जावान युवा शिक्षा की आवश्यकता है।ओम शर्मा प्रांतीय संयोजक द्वारा आभार प्रदर्शन करते हए समितियों का परिचय दिया गया जिसमें संचालन समिति के संयोजक भरत व्यास, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शोभा ताई आदि उपस्थित हए।इस कार्यशाला में अलग अलग राज्यो से अतिथि पहुंचे है।कार्यशाला का संचालन किरण शर्मा द्वारा किया गया।

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