आरिफ हुसैन, चन्द्रशेखर आजाद नगर 

अलीराजपुर जिले के ब्लॉक में शासकीय स्वास्थ विभाग में अधिकारी द्वारा अपने रिश्तेदार एवं शिक्षक कर्मचारी के नाम चार पहिया वाहन स्कॉर्पियो एवं बोलेरो अपने निजी स्वार्थ के लिए अटैच कर लेते हैं विभागों में अटैच वाहनों को शासन के नियमानुसार वाहनों का बीमा, टैक्स, फिटनेस नियमों में आने वाली वाहन संबंधित सभी प्रक्रिया अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। जोकि बोलेरो वाहन गुजरात पास वाहन अटेच कर (मध्य प्रदेश शासन) लिख कर वाहन उपयोग के साथ शासकीय कर्मचारी को भुगतान भी किया जा रहा है। अलीराजपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग अधिकारी द्वारा अपनी मनमानी कर ही अपने रिश्तेदार और शासकीय कर्मचारी के वाहन अपने ही संबंधित विभाग में अटैच कर शासन के रुपयों को चूना लगाने में लगे हुए हैं। इन वाहनों को अटैच करने हेतु शासन के नियमानुसार निविदा का प्रकाशन किया जाता है जो कि ऐसा न होकर वाहन को अपने निजी उपयोग के लिए कुछ अधिकारी टालमटोल कर अपने निजी उपयोग में वाहनों को विभाग में अटैच कर शासन को चूना लगा रहे हैं। बताया जाता है कि जिले के अधिकारी के साथ मिलकर वाहनों को अटैच कर चलाया जा रहा है क्या जिला स्वास्थ्य अधिकारी को यह भी नहीं मालूम के उनके जिले के ही ब्लॉक में कौन-कौन से वाहन अटैच कर उपयोग कर भुगतान किया जा रहा है जिन्होंने अपने रिश्तेदार के नाम पर अपने वाहनों को अटैच कर मनमाने तरीके से अपने विभाग से बिल पास करवा लेते हैं अधिकारी द्वारा अपने निजी काम से भी सरकारी वाहन से कहीं ना कहीं घूमने चले जाते हैं शासकीय विभागों के वाहनों पर लिखे लाल अक्सर से मध्यप्रदेश शासन का दुरुपयोग कर अपने निजी काम के लिए अंतर प्रांत राज्य गुजरात में अटैच वाहनों को ले जाकर अपने निजी काम में वाहन का जोरों से दुरुपयोग किया जा रहा है जब स्वास्थ्य विभाग से तजप द्वारा जानकारी मांगी गईं तो एक महीने बाद भी नही दी गई लगता है अधिकारी द्वारा कही न कही आये हुए बजट का गलत भुगतान किया गया या शासन के रुपयो का चूना लगाया जा रहा है प्रथम अपील जिला स्वास्थ अधिकारी को दी गई है अब जिला अधिकारी मांगी गई जानकारी देते है या चुप बैठे रहेंगे।
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