पियुष चन्देल अलीराजपुर

सरल हिंदी की भाषा मे योग का अर्थ जोड़ है। लेकिन आध्यात्मिक अर्थों में योग शरीर और आत्मा का सच्चा सम्बन्ध है। केवल योग ही शरीर और मन मस्तिष्क को शुद्ध औऱ स्वस्थ कर सकता है। इसलिए नियमित योग के माध्यम से हमे अपनी शारीरिक और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ानी चाहिए। उपरोक्त विचार योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता विजय कुलकर्णी ने व्यक्त किये। उल्लेखनीय है, की विश्व योग दिवस पर सम्पूर्ण देश और विदेश में नियत समय पर योग के कार्यक्रम आयोजित किये गए हैं। इसी श्रृंखला में कट्ठीवाड़ा के कन्या राजेन्द्र आश्रम में विकासखण्ड स्तरीय योग दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में योगगुरु श्री मोहन भाई डुडवे द्वारा योग क्रियाएं करवाई गई और प्रत्येक योग से शरीर और मन पर होने वाले प्रभाव की जानकारी दी गई।कठ्ठिवाडा के बीईओ एवं बीआरसी शरद क्षीरसागर ने योग के वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबकी साझेदारी के लिए सहभागियों को बधाइयाँ देते हुए आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य अच्छेलाल प्रजापति, मण्डल संयोजक  अशोक बारिया, राजेन्द्र आश्रम के प्राचार्य पाटीदार, कन्या हाईस्कूल के प्राचार्य शंकरलाल जाटव, व्याख्याता  दुर्वार, खण्ड अकादमिक समन्वयक  पंकज प्रजापति, कैलाश बघेल, जनशिक्षक नारायण राव शिंदे, दिग्गविजयी सिंह मेवाल, लेखापाल कुमारी रश्मि तोमर सहित अनेक शिक्षक, कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत मे योग की परंपरा को नियमित रखते हुए योग क्लब के माध्यम से नियमित योग करने का सभी ने संकल्प लिया।

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