जितेंद्र वर्मा, जोबट जोबट में आयोजित एक विशेष बैठक में क्षेत्र के छात्रावासों की रिक्त सीटों पर विद्यार्थियों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया से किया गया। जिसमें पहली बार राजनीतिक हस्तक्षेप या सिफारिश का कोई स्थान नहीं रहा। विधायक सेना महेश पटेल स्वयं चयन प्रक्रिया में उपस्थित रहीं और उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि चयन पूर्णत: योग्यता और ज़रूरत के आधार पर हो। सबसे पहले विकलांग, अनाथ और अत्यंत गरीब बच्चों को वरीयता दी गई, इसके बाद शेष सीटें मेरिट लिस्ट से भरी गईं। विधायक पटेल ने कहा “शिक्षा सभी का अधिकार है। हमने यह तय किया है कि अब छात्रावासों में प्रवेश सिर्फ सच्ची पात्रता पर होगा, न कि किसी सिफारिश से।” उन्होंने आगे कहा कि “हर साल कई बच्चों को जगह नहीं मिल पाती। अब जब सीटें सीमित हैं, तो मैं सरकार से मांग करूँगी कि सीटों की संख्या बढ़ाई जाए। चयनित बच्चों की सूची लेकर मैं खुद छात्रावासों का निरीक्षण करूँगी।” जनता और अभिभावकों ने इस पहल का खुले दिल से स्वागत किया। कई अभिभावकों ने बताया कि वर्षों बाद किसी चयन में इतनी पारदर्शिता और निष्पक्षता देखने को मिली है। इस बैठक में जनपद अध्यक्ष, जनपद सदस्य, सरपंचगण और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे और प्रक्रिया की निष्पक्षता को सराहा। Post navigation गुरु पूर्णिमा पर महेश पटेल और विधायक सेना पटेल ने गौ माता की पूजा-अर्चना की भीलप्रदेश राज्य बनाने की मांग को लेकर दिया ज्ञापन, 36 सूत्रीय मांगे रखी