सिराज बंगडवाला, खरडूबड़ी
खरडूबड़ी में बीती 8 मई को दो बाइक सवार ओर एक तूफान जीप ममेरा लेकर अपने रिश्तेदार के यहां आम्बा जा रहे थे। रात्रि में करीब 12 बजे बाइक सवार साबु और राकेश बाइक से आगे जा रहे थे तब खरडूबडी से पारा रोड पर तलावपाडा घाट पर लूट को अंजाम देने की नीयत से लुटेरों ने डिब्बे फेंक कर बाइक सवार को गिरा दिया और फिर उनको लूटने की कोशिश की लेकिन पीछे आ रही तूफान जीप में आ रहे लोगो ने जब उन बाइक सवार वालो को नीचे गिरा देखा तो उन्होंने जीप से उतर कर लूट करने वाले बदमाश के पीछे भागे तब दूसरे दो बदमाश भाग निकले पंरतु जिसमें एक बदमाश जो नबू बाठिया भूरिया जो इनके हाथे चढ गया जहां पर तूफान जीप में बैठे हुए लोगों ने पहले लूट करने वाले नबु की अच्छी धुलाई की बाद में 100 नंबर डायल कर पुलिस को बुलाया गया जहां पर नबु बदमाश और बाइक से जो घायल हुए साबु भूरिया और राकेश भूरिया को अपने साथ बैठा कर पुलिस झाबुआ थाने पर ले गये जहां इनका सिर्फ कागज पर हस्तक्षेप करवा दिया गया और इनको झाबुआ अस्पताल में मेडिकल के लिए ले गये थे जहां पर सिर्फ टेबलेट दिला कर रवाना किया गया जहां उनके पैर में घांव बडा था जहां उन्हें पट्टी भी नहीं बांधकर दी गई और नहीं टांके लगाया गया, सिर्फ यह कहकर भेज दिया गया कि तुम सुबह आ जाना जब दूसरे दिन सुबह गये तो जो लूट को अंजाम देने वाले को हम लोगों ने पुलिस के हवाले किया गया था वह थाने में नहीं था। खुले आम बाजार में घूम रहे, जब हमने पुलिस को जब बताया गया तब इन्होंने हमें यह जवाब दिया गया कि इनके खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई हैं।
ईश्वर डामोर ने बताया कि जब हमने नबु भूरिया को पुलिस के हवाले करके आये थे फिर पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय क्यों छोड दिया गया।जब बताया जा रहा है कि इनके खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई ।साबु भूरिया ने बताया की इसके बाद जब घायल अपने घर आ गए थे फिर जब वह वापस पुलिस थाने गए तो वह जिस आदमी को वो रखकर आये थे वो वह नही था जब पुलिस वालों से पूछा गया तो पुलिस वाले ने बताया कि यह आपकी कोई रिपोर्ट नही है जबकि इन लोगो का कहना है कि उसी रात हमसे पुलिस वालों ने कागज पर साइन करवाई थी। फिर यह लोग घर आये तो देखा कि वह आदमी को तो पुलिस वालों ने छोड़ दिया।पुलिस पशासन और लुटेरो की मिली भगत से आज लुटेरे बे खोफ घूम रहे है।ओर जो घायल हुए थे उनका अभी तक उपचार नही हुआ और जब यह लोग ने साहब को आवेदन देने गए तो पुलिस वालों ने बोला कि आप साहब को आवेदन मत दो हम उनको आज शाम तक गिरफ्तार कर लेंगे लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नही हुई।
साबू भूरिया का कहना है कि
में ओर राकेश दो जने बाइक से जा रहे थे और बाकी जीप लेकर पीछे आ रहे थे जैसे ही हमारी बाइक के सामने उन्होंने डिब्बे फेंके तो हम गिर गये जिससे मेरे को और मेरे भाई राकेश को पैर में चोट आई जिसका अभी तक उपचार नही हो पाया और जब हमने नबूू को पुलिस के हवाले कर के आये थे।पुलिस ने हमसे कागज पर साइन भी करवाई थी उसके बावजूद भी उसको छोड़ दिया।
राकेश भूरिया का कहना है कि
मेरे घुटने में चोट आई है हमे पुलिस के साथ अस्पताल में भी गए थे लेकिन पुलिस के साथ होने के बाद भी मेरा उपचार नही हुआ नही मेरे को कोई दवाई नही दी गई।इसके बाद फिर में घर चले गया फिर वह जाकर अगले दिन जब मैने देखा कि नवु तो घर आ गया है तो में ओर मेरा भाई साबू के साथ हम झाबुआ पुलिस थाने गए तो पुलिस वालों ने बोला कि आपकी कोई भी किसी प्रकार की रिपोर्ट नही की गई है तो अब हमारा कहना है जब हमारी रिपोर्ट नही है तो उस रात थाने में हमको कोन से कागज पर साइन करवाई थी जिससे उसको छोड़ दिया गया।इसके बाद भी हम एसपी आफिस भी गए थे तो वह पर हमको पुलिस वाले ने बोला कि आप अभी साहब को आवेदन मत दो हम आज शाम तक उसके खिलाफ कायवाही कर गिरफ्तार कर लेंगे लेकिन आज तक उसकी गिरफ्तारी नही हुई या तो पुलिस वाले की मिली भगत से या फिर किसी के दबाव में आकर उसके खिलाफ कोई करवाई नही की जा रही है। अगर इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो मेरे द्वारा कलेक्टर साहब- एसपी साहब को आवेदन दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस इन बदमाशों को सजा दिलाने के बदले इनका आपसी सहमति से इन लूट को अंजाम देने वाले शातिर बदमाशों के हौसले बुलंद हो जाता हैं जिससे लूट, चोरी जेसी घटनाओं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।
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