मयंक विश्वकर्मा आम्बुआ 

क्षेत्र में इस बार बारिश का मौसम लगभग एक माह के लंबे अंतराल के बाद सक्रिय हुआ तथा क्षेत्र में रिमझिम बारिश का दौर रुक रुक कर चल रहा था सभी ओर तेज बारिश का इंतजार था कि 30 जुलाई गुरुवार की रात हुई तेज बारिश ने क्षेत्र को तर-बतर कर दिया सूखे पड़े नदी नालों में तेज बहाव देखा जा रहा है किसानों ने राहत की सांस ली।

क्षेत्र में जून के दूसरे सप्ताह में मानसून का पदार्पण हो जाता था मगर इस वर्ष मानसून लगभग एक माह के लंबे अंतराल से आया मगर तेज वर्षा की बजाय रिमझिम फुहारें पड़ती रही तथा क्षेत्र में सूखे की स्थिति बनती नजर आ रही थी,खेतों में बीज अंकुरित हो ने के बाद इन्हें बारिश की जरूरत महसूस की जा रही थी कुछ किसानों ने कपास आदि फसलों में अपने निजी संसाधनों से सिंचाई भी करना प्रारंभ कर दिया गया था,साथ ही किसान दिन रात प्रार्थना भी कर रहे थे कि तेज बारिश हो।

गुरुवार 30 जुलाई की रात अचानक मौसम बदला और क्षेत्र में रात भर रुक रुक कर तेज वर्षा सुबह तक होती रही,जिस कारण एक दिन पूर्व तक कंकड़-पत्थर का मैदान नजर आ रही हथिनी नदी एवं नालों में सुबह तेज बहाव देखा गया,इस मौसम में पहली बार हथिनी नदी में पानी किनारे से लग कर बहता देखा गया।इस वर्षा से जहां खरीफ फसल को अमृत मिला वहीं अब और अधिक अच्छी वर्षा की उम्मीद भी जागी है यदि तेज बारिश का क्रम जारी रहता है तो इस फसल के साथ आगामी फसलों को भी लाभ अर्जित हो सकेगा,साथ ही नदी नालों एवं कुओं ट्यूबबैलों में भी जल स्तर बढ़ेगा जिससे भविष्य में जल संकट से दो चार नहीं हो ना पड़ेगा

क्या कहते हैं क्षेत्र के कृषक —

1 – बहुत लंबे समय से बारिश का इंतजार किया जा रहा था,अब हुई तेज बरसात से फसलों को जीवन दान मिला है,

        अमरसिंह डुडवे मोटाऊमर

2— खेतों में सूखने की कगार पर खड़ी फसलों को राहत मिली है।

         कमलसिंह कलेश भोरदू

3– इस वर्ष बारिश बहुत देरी से आई मगर जितनी वर्षा होनी थी उतनी नहीं हुई जैसे तैसे करके बीज बो दिया गया तथा वह अंकुरित भी हो गया मगर बारिश नहीं होने से सुख रही थी आज राहत मिली है।

       राजू रावत ( पटेल) ग्राम वडी

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