झाबुआ- क्षेत्रीय सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने केन्द्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथ लेते हुए की पूर्व सैनिक के मरणोपरांत चिकित्सालय में जानकारी लेने गए राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी तथा उसके बाद केन्द्र सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बार-बार झूठे बयान देकर देशवासियों को गुमराह करने जैसे बयानबाजी का विरोध करने पर पुन: राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लेकर तीव्र आक्रोश व्यक्त करते हुए सांसद भूरिया ने कहा कि यह प्रजातांत्रिक मूल्यों की अवहेलना ही नही है बल्कि दुर्भावना पूर्वक कांग्रेस के साथ एक बहुत बडा षड्यंत्र है। भाजपा तथा उसके सिपहसालारों को आने वाले चुनाव में जनता मुंह तोड़ जवाब देगी। सांसद भूरिया ने कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक पूरी मुस्तैदी से अपना कर्तव्य निभाते हुए सीमाओं की रक्षा कर अपना बलिदान दे रहे हैं। ऐसे शहीदों की एवं उसके परिवारों की संवेदना मात्र दिखावा तथा राजनीति भुनाने तक सीमित हो गया है जो देश के सैनिकों तथा देश की जनता के साथ भाजपा का राजनैतिक छलावा मात्र है। झाबुआ जिला कांग्रेस ने भी अपना प्रस्ताव पारित कर राहुल गांधी की गिरफ्तारी का विरोध किया तथा केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जनता को गुमराह कर उनकी मूलभूत समस्याओं के निराकरण से अपना ध्यान बटाने का आरोप लगाया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मला मेहता, कार्यवाहक अध्यक्ष कलावती भूरिया, युवा नेता डॉ.विक्रांत भूरिया, पूर्व विधायक सर्वश्री वीरसिंह भूरिया, वालसिंह मेडा, जेवियर मेडा, रतनसिंह भाबर, गंगाबाई बारिया, तथा कांग्रेस प्रवक्ता आचार्य नामदेव, हर्ष भट्ट, कांग्रेस नेता राजेश भट्ट, आशीष भूरिया, विनय भाबोर, जितेन्द्र प्रसाद अग्निहोत्री, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमचंद्र डामोर, आदि ने केन्द्र सरकार के इस कृत्य की कडे शब्दों में निंदा की।
भाजपा की औद्योगिक समिट 2017 के विधानसभा चुनाव की कमिट
भूरिया ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा उनके तथाकथित मंत्रियों द्वारा पिछले दिनों में इंदौर में संपन्न हुए औद्योगिक समिट में प्रदेश के विकास में तथा उद्योगों को स्थापित एवं गतिशील बनाए रखने के लिए जो बैठक आयोजित की गई उसके कोई परिणाम प्रदेश के युवकों, बेरोजगारों तथा इंजीनियरों व उद्योगपतियों के लिए लाभ का मुद्दा नही रहा वरन भाजपा के चहेतों व उनक गुणगान करने वाले लोग ही लाभांवित हो रहे है। वहीं ऐसी समिट से भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी साख को बनाए रखने के लिए भारी-भरकम वसूली करने का एक मात्र षड्यंत्र साबित होने का आरोप लगाया। आपने कहा कि आदिवासी बहुल झाबुआ जिले में पूर्व प्रधानमंत्री स्व.इंदिरा गाधी द्वारा ओद्योगिक क्षेत्र की आधारशीला जिले के मेघनगर में रखी गई और उसके बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के रहते हुए इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास कर ना केवल स्थानिय लोगों को रोजगार के अवसर सुलभ कराए गए वरन क्षेत्र के पर्यावरण एवं आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण कार्य योजना बनाकर क्रियांवित की गई किंतु प्रदेश में भाजपा सरकार के काबिज होने के बाद इस क्षेत्र की और कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि आदिवासियों को रोजगार मिलना तो दूर वरन आसपास के रहवासी भी इस औद्योगिक क्षेत्र में पर्यावरण व प्रदूषण की मार झेलने के साथ दूषित पेयजल हो जाने से अनामांतरित रोगों से आदिवासी बेहाल होकर अपने स्वास्थ्य और सुविधा के नाम आंसू बहा रहे है। उसकी कोई सुध लेने वाला नही है जबकि प्रभारी मंत्री भी हर माह इस जिले के भ्रमण पर आकर अपनी शासकीय खानापूर्ति कर रवानगी डाल लेते है।

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