सिराज भाई बंगड़वाला, खरडू बड़ी रामा ब्लॉक के ग्राम खरडू बड़ी में 6 से 8 किसानों ने रासायनिक खाद को छोड़कर जैविक खाद अपनाने से रासायनिक खाद से अधिक मुनाफा कमाया है। खरडू बड़ी के किसानों ने अपने खेतों में सोयाबीन ,कपास से मुनाफा नहीं मिलने से अपने खेतों में पपीता के पौधे लगाए जिसमे उन्होंने रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद का उपयोग कर के जो सोयाबीन और कपास में मुनाफा नही मिला उसको पपीता लगाने से मिला किसानों का कहना है कि हमने पपीता का एक पौधा लगभग 15 रुपिये में प्राप्त किया जो करीब आठ हजार पौधे लाये यह पौधे हम बड़वाह गांव से लाये हमने जैविक खाद के बारे में जिला स्तर और बाहर से भी राय ली थी तब जाकर हमने इन पौधों में जैविक खाद का उपयोग किया जिससे हमारी जमीन भी अच्छी रहती है।किसानों का कहना है कि हम हमारे जितने भी किसान भाई है उनको यही कहेंगे जी रासायिनक खाद छोड़ अपनी जमीनों में जैविक खाद का उपयोग करे ताकि हमको मुनाफा भी मिले और जमीन भी जर्जर ना हो। दीपू राठौड़ किसान मैने करीब 2 एकड़ जमीन में पपीता लगा रखी है जिसमे जैविक खाद हम उपयोग करते जिससे हमारी जो जमीन है वो भी अभी नरम है और इससे हमें जब हमने सोयाबीन ओर कपास किया उससे ज्यादा मुनाफा हमे पपीता लगाने से हुआ। नरेंद्र टांक किसान मेरे लग भाग 2 से 3 विगा जगह में मैने 1200 पौधे पपीता के लगाए जिसमे से50% पपीता हमने बेच दी उसके बाद भी अभी हमारे पास 50% पपीता बाकी है जो गर्मी ओर पानी गिरने तक निकला करेगी। शांतिलाल राठौड़ किसान मेने करीब 2 विगा जमीन में हमने पपीता के 1200 पौधे लगाये है जिसमे से 2 लाख तक कि पपीता बेच दी है अभी भी इसमें से 50% पपीता निकलेगी। मै हमारे किसान भाइयों को यही कहना चाहता हु की आप सब रासायनिक खाद छोड़ जैविक खाद का इस्तेमाल अपनी अपनी खेती में करे जिससे अपनी जमीन भी जर्जर नहीं होगी और मुनाफा भी अधिक होगा। Post navigation महाशिवरात्रि को लेकर बैठक संपन्न हुई 100 बच्चों को पल्स पोलियो की दवाई पिलाई