रितेश गुप्ता थांदला थांदला नगर के समीप ग्राम चैनपुरी स्थित मंशापूर्ण हनुमान मंदिर पर तीन दिवसीय राम कथा व यज्ञ का आयोजन हुआ। रामकथा का समापन शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। समापन अवसर पर धर्मावलंबियों को संबोधित करते हुए संत रामदास की शिष्या रामदासी ने कहा कि संघर्षो के समय जो तप जाता है। वही निखर जाता है जिस प्रकार सोने की गुणवत्ता को परखने के उसे भी आग पर तपाया जाता है। उसी प्रकार मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम का जीवन भी संघर्षो से भरा रहा है 14 वर्षो तक वनवास काटने के दौरान उनकी अन्नन्य शिष्या शबरी जो मौत के मुहाने पर खड़ी होकर अपनी सच्ची श्रद्धा भक्ति से भगवान राम को उनकी कुटीया में जाना पडा व उनके झूठे बैर ग्रहण किये। अत: मानव जीवन में दुख आने पर कभी विचलित न होना व सुख आने पर अंहकार मत करना यही रामकथा का असली उद्देश्य है। आयोजित तीन दिवीय यज्ञ मे यज्ञाचार्य मनोज उपाध्याय व विद्वान पंडितों के सानिध्य मे सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विधायक कलसिंह भाबर, सरपंच मुन्ना मईडा, चिंतामण्ी महाराज, जनपद सदस्य राजू मेडा, संजय भाबर, व बजरंग युवा मंडल के सदस्यों के अलावा बडी संख्या में ग्रामीणो ने यज्ञ में आहुति देकर क्षेत्र में पर्याप्त बारिश की कामना की। Post navigation अखिल भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ मांगों को लेकर हड़ताल पर, डाक व्यवस्था ठप लगातार तीन दिनों से हो रही दुर्घटनाओं से ग्रामीण सदमें मे