सिराज बंगडवाला, खरडूबड़ी खरडूबडी में आदिम जाति सहकारी समिति मर्यादित में खाद की कमी देखी जा रही है। खरीबफसल मक्का- सोयाबीन एवं कपास की फसलों को खाद की जरूरत होती है तब भी खाद की किल्लत होने से किसानों को उचित भाव पर खाद लेना पडता है जब अब रबी फसलों पर भी किसानों को खाद की किल्लत होने से आज भी उचित मूल्य पर खाद लेने को मजबूर है। किसानों का कहना है कि सरकार खाद के लिए चाहे कितना भी दावे करे परन्तु किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए समय पर खाद नहीं मिलता है जिसके लिए किसानों को मजबूर होकर निजी दुकानों से खाद महंगा लेना पड़ता है। आदिम जाति सहकारी समिति मर्यादा में क्रेडिट कार्ड धारियों किसानों करीब 2200 हैं बावजूद इसके जब सोसायटी में खाद 340 बैग आया है जिससे किसानों में हडकम्प मच गया और सोसायटी सेल्समैन ने किसानों को समझाने के बाद 340 बैग खाद किसानों को वितरण किया। किसान रमेश डामोर कहते हैं कि सोसायटी में किसानों को समय पर खाद नहीं मिलता जिसके कारण यूरिया खाद बाजार से खरीदी करना पड़ता है क्योंकि अपनी फसलों को बचाने के लिए उनके पास यही एक रास्ता है। किसान अमरसिंह डामोर (टिचकिया) ने कहा कि किसानों को समय पर खाद देना चाहिए जिसके लिए किसानों को यूरिया खाद मूल्य देकर लेने को मजबूर है। जब सोसायटी में 2200 कार्डधारी किसानों है तो खाद सभी किसानों को मिल सके। सोसायटी में 340 बैग खाद से किसानों का क्या होता है जब सोसायटी में खाद यूरिया 267 रुपये मिल जाता है, लेकिन बाजार में वहीं खाद 300 से 400 रुपये में खरीदी करना किसानों की नियति बन गई है। सोसायटी मैनेजर सलीम खान कहते हैं किमैंने यूरिया खाद ज्यादा मंगाया गया था अभी 340 बैग अभी सोसायटी में आया है जो मेरे द्वारा खाद 340 बैग किसानों को वितरण कर दिया है। अब और खाद आने वाले है जो गोडाउन में खाद न होने से नहीं आ सकता जैसे ही खाद की रैक लगता है जो खाद आती ही बाकी किसानों को खाद वितरण किया जाएगा खेलसिंह डामोर- सोसायटी में जितना बैग खाद आया था वो हमारे द्वारा वितरण किया गया है। जैसे ही और खाद आयेगा हम वितरण कर देंगे। Post navigation दिमागी संतुलन ठीक नहीं होने पर 19 वर्षीय युवक घर से निकला भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर शोभायात्रा निकाली