नवनीत त्रिवेदी @ झाबुआ

आमतौर पर आपने लोकायुक्त पुलिस को रंगे हाथों प्रशासनिक अधिकारी – कर्मचारियों को गिरफ्तार करते हुए देखा होगा, लेकिन एक दिलचस्प मामला सामने आया है – झाबुआ जिले के पेटलावद थाने की सारंगी चौकी का, यहां पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक नीरज सिरोही ने एक मामले में पक्षकार से ₹10000 रिश्वत की मांग की और पक्षकार ने ऑडियो रिकॉर्ड कर लोकायुक्त पुलिस को शिकायत दर्ज करायी, इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है, फिलहाल ASI नीरज सिरोही की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

यह था मामला :-

कुछ समय पहले आवेदक धारजी गामड़ निवासी कोटड़ा तहसील पेटलावद के भाई के बेटे की पत्नी किसी और के साथ प्रेम प्रसंग के चलते भाग गई थी, जिसके बाद पुलिस चौकी में मामला तो पंजीबद्ध किया गया था मगर ग्राम पंचायत में ₹300000 के लेनदेन के बाद राजीनामा हो गया था, राजीनामा होने के बाद बीट प्रभारी ASI नीरज सिरोही द्वारा लगातार ₹10000 की मांग आवेदक से की जा रही थी अंततः आवेदक ने अपनी शिकायत लोकायुक्त इंदौर को दर्ज करायी, लोकायुक्त इंदौर की टीम द्वारा ASI नीरज सिरोही की गिरफ्तारी करने हेतु सारंगी दबिश दी गई, लेकिन शायद इस मामले की भनक लगते ही ASI नीरज सिरोही फरार हो गए, उक्त ऑडियो की बिनाह पर FIR दर्ज की गयी है ।

झाबुआ जिले के पेटलावद थाने की सारंगी चौकी में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक नीरज सिरोही द्वारा एक मामले में ₹10000 की रिश्वत की मांग की जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी, शिकायत के साथ ऑडियो भी प्रस्तुत किया गया था, जिसकी बिनाह पर धारा 7 के तहत सहायक उपनिरीक्षक नीरज सिरोही प्रकरण दर्ज किया गया है| राहुल गजभिये,
निरीक्षक लोकायुक्त इंदौर

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