लोहित झामर , मेघनगर स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ कही जाने वाली आशा कार्यकर्ता और आशा सहयोगिनी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रही हैं। पिछले कई महीनों से मानदेय नहीं मिलने से नाराज सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मेघनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया और अपनी लंबित मांगों को लेकर घेराव किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि नवंबर माह से अब तक उनके बैंक खातों में वेतन की राशि नहीं पहुंची है। करीब 6 महीने से भुगतान अटका होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घर का खर्च चलाना, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सिर्फ मानदेय ही नहीं बल्कि लंबे समय से लंबित “आशा प्रोत्साहन राशि” का भुगतान भी अब तक नहीं किया गया है। इससे उनमें भारी नाराजगी है। नाराज कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर बीएमओ डॉ. विनोद नायक को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द भुगतान की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही वेतन और प्रोत्साहन राशि जारी नहीं की गई तो वे काम बंद कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगी। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने कहा “हम दिन-रात गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं देते हैं। टीकाकरण से लेकर प्रसव तक हर जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन जब हमारे हक की पगार की बात आती है तो प्रशासन मौन हो जाता है। खाली पेट हम कब तक सेवा करेंगे?” Post navigation धूप में तड़प रहे पशुओं को मिला सहारा: टेंट लगाकर अभिनंदन नांदेचा ने पेश की जीवदया की मिसाल एक वर्ष में एक माह का मौन रखे, मौन में अपार शक्ति है : पंडित कमल किशोर नागर