रितेश गुप्ता, थांदला
मुहर्रम पर्व को वैसे तो इस बार मुस्लिम समाज में कोई बड़े आयोजन नहीं होने वाले हैं। क्योंकि कोविड-19 का संक्रमण वर्तमान दौर में जारी है और प्रशासन की गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम समाज ने ताजियों का निर्माण किया है लेकिन वे इसे जुलूस की शक्ल में शहर में नहीं निकालेंगे व सार्वजनिक स्थलों उनका मुकाम नहीं रखा जाएगा। समाजजनों के मुताबिक ताजियों की तैयारी पूर्ण कर ली गई है और उन्हें सिर्फ उनके मुकाम पर ही रखा जाएगा और वहीं से ही धर्मावलंबी व अन्य समाज के लोग आकर अपनी मन्नतें पूरी करे तथा भीड़ एकत्रित इस बार नहीं की जाएगी। समाजजनों के मुताबिक शनिवार रात को मुहर्रम अपने मुकामों पर रखे जाएंगे तथा वहीं वापस उन्हें इमामबाड़ा के भीतर रख दी जाएंगे। मुस्लिम समाज रविवार को योमे-आशूरा मनाएंगे तथा इस दिन शरबत व सबील बनाकर घरों-घरों बंट दिया जाएगा। वैसे तो थांदला शहर के मुस्लिम समाज के लोग ताजिया बनाते हैं लेकिन उन्हें ठंडे/विसर्जन करने के लिए नहीं जलाशयों में नहीं जाते हैं उन्हें सिर्फ पानी का छिंटा देकर वापस इमामबाड़ों के भीतर रख दिया जाता है। ताजियों के जुलूस, लंगर व सबील के पूर्व में होने वाले बड़े आयोजन इस बार नदारद है जिससे समाजजनों में मायूसी भी दिखाई दी।

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