झाबुआ। मुहर्रम का इस्लाम धर्म में बहुत महत्व है। सन 680 ईस्वी में इसी माह में करबला में एक धर्मयुद्व हुआ था जो पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नाति ओर यजीद के बीच हुआ। इस युद्व में जीत हजरत मोहम्मद साहब की हुई लेकिन जाहिरी तौर पर यजीद के कमांडर ने हजरत इमाम हुसैन और उनके सभी 72 साथियों (परिवार वालों) को धोखे से शहीद कर दिया था। जिसमें उनके छह महीने का पुत्र हजरत अली असगर भी शामिल थे। इसलिए तभी से तमाम दुनिया के मुसलमान इस महीने में इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत का गम मना कर उन्हें याद करते है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी मुस्लिम समाज द्वारा बुधवार रात्रि को मुहर्ररम का जुलूस निकाला गया तथा ताजिए निकाले गए। क्षेत्रीय सांसद कांतिलाल भूरिया, युवा नेता डॉ. विकां्रत भूरिया, समाजसेवी मनोहर भंडारी, जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष कलावती भूरिया, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमचंद्र डामोर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष बंटू अग्निहोत्री, सेवादल संगठक राजेश भट्ट, जिला कांग्रेस प्रवक्ता हर्ष भट्ट एवं आचार्य नामदेव, जिला महामंत्री जितेन्द्र प्रसाद अग्निहोत्री, कांग्रेस नेता गौरव सक्सेना, वसीम सैयद, कालम भाई, विजय भाबोर, विनय भाबोर, ऋषि डोडियार, प्रशांत बामनिया, रिंकु रूनवाल आदि विशेष रूप से उपस्थित होकर इस जुलूस में शामिल हुए तथा श्री भूरिया माथा टेेक कर इमाम से देश, प्रदेश एवं क्षेत्र की खुसहाली के लिए दुआ मांगी। भूरिया एवं साथियों का मुस्लिम कमेटी के सदस्यों द्वारा गर्मजोशी के साथ हार पहना कर स्वागत किया गया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किये। इस अवसर पर मुस्लिम पंचायत का मुुहर्ररम समारोह में सदर अब्दुल गफुर शेख, भरू भाई, समीरूद्दीन सैयद, बसीरूद्दीन सैयद, प्याउ बाबा, शायरा बानो, निरज सिंह राठौर, सलीम कादरी, जेनुद्दीन शेख, नुरू भाई, अब्दुल शेख सहित नगर के गणमान्य व कई समाजजनों के वरिष्ठ पदाधिकारि एवं मुस्लिम समाजजन, महिला एवं बच्चे उपस्थित थे। Post navigation जिला मलेरिया अधिकारी पहुंचे रायपुरिया अब भी हर घर में मिल रहे है डेंगू के लार्वा फिर लगी नगर की शांत फिजा को नजर ताजिया का जुलूस रोकने पर हुआ विवाद, 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज