किसानों को बिना सूचना दिए खेतों में खुदाई कर दी गई

झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
माही परियोजना के अधिकारियों की लालफीताशाही के चलते गरीब किसानों के खेत बिना मुआवजा दिए और बिना परमिशन लिए खोदे जा रहे है, जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। पेटलावद नगर से लगे कई खेतों को माही परियोजना के ठेकेदार अधिकारियों के मौखिक आदेश पर ही खेत को खोद कर खत्म कर रहे है जिस कारण से किसानों में आक्रोश है और किसानों द्वारा इसकी शिकायत एसडीएम को की गई। किसानों का कहना है कि हमें बिना सूचना दिए हमारे खेत खोदे जा रहे है जो कि गलत है हम आंदोलन करेंगे, जिस पर एसडीएम सीएस सोलंकी ने भी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस संबंध में हमारे द्वारा कोई आदेश नहीं दिया गया है। यदि बिना अनुमति के खुदाई हो रही है तो गलत है कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला-
मामले के अनुसार पेटलावद के समीप मंडी के पीछे कई लोगों के खेत है जिन पर लगातार दो तीन दिनों से माही परियोजना के ठेकेदार द्वारा नहर निकालने के लिए खुदाई की जा रही है। इस संबंध में जब रविवार को किसान लक्ष्मण लाल राठउड़ अपने खेत पर पहुंचे तो उनका पूरा खेत जेसीबी व पोकलैंड की मदद से खोद दिया गया, जिसका सूचना किसान को नहीं दी गई। किसान को आश्चर्य हुआ कि आखिर बिना सूचना के हमारे खेत को कैसे खोद दिया गया न ही कोई मुआवजा प्रकरण बनाया गया न ही किसी प्रकार का कोई नोटिस दिया गया। खेत की काली मिट्टी पूरी तरह से खत्म हो गई है पूरा खेत एक गड्ढे में तब्दील हो गया। ऐसे यह एक नहीं कई अन्य किसानों के साथ भी हुआ है जिससे आक्रोशित किसानों ने इस संबंध में एसडीएम सीएस सोलंकी को सूचना दी, जिस पर एसडीएम ने बिना अनुमति के खुदाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। किसान सुरेश, अम्बालाल, कोदर, लक्ष्मण राठौड़ का कहना है कि आखिर हमारे खेत हमारे बिना पूछे क्यो खोदे गए है। इसके लिए पूर्व में हमें सूचना देना चाहिए थी जिसके बाद ही खेत में खुदाई करवाई जानी थी न कोई प्रकरण बनाया, न कोई आदेश न नोटिस बिना पूछे खेतों को खोद दिया गया है इसके लिए हम आंदोलन करेंगे।
जिम्मेदार बोल-
किसी भी भूमि पर कोई कार्य करने के पूर्व भूमि स्वामी की इजाजत लेना अनिवार्य है। किसानों द्वारा शिकायत की गई है मामले की जांच करवा कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
– सीएस सोलंकी, एसडीएम पेटलावद.
किसानों के खेतों में माइनर नहर निकालने के लिए खुदाई हो रही है। पाइप डालकर फिर से बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को मुआवजा भी दिया जाएगा। एसके अग्रवाल, एई माही परियोजना,पेटलावद
किसानों के साथ किसी प्रकार के अन्याय को सहन नहीं किया जाएगा। आखिर अधिकारी अपनी मनमानी कैसे कर सकते है बिना पूछे किसी के भी खेत को कैसे खोद सकते है। इसके लिए हम किसानों के साथ है।
-कलावती गेहलोत, जिला पंचायत सदस्य

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