– छापरी मेले में आदिवासी युवतियों ने मां अंबे के समक्ष गरबा नृत्य प्रस्तुत किया। झाबुआ लाइव के लिए पारा से राज सरतलिया की रिपोर्ट- समीपस्थ छापरी रजला ग्राम के वांजिया डूंगर स्थित मां अंबे मंदिर परिसर पर बुधवार को आस्था और श्रद्धा के सैलाब के आगे लू के थपेड़े भी नममस्तक दिखे। अंतिम दिन मेले में काफी भीड़ रही और मां अंबे के दर्शन के लिए श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए। मां अंबे मंदिर पर मेले का बुधवार को अंतिम दिन होने से दूर-दराज ग्रामों के हजारो ग्रामीण चिलचिलाती धूप की परवाह किए बिना पैदल तथा साइकलों से भी दर्शन करने आए। अधिकतर महिलाएं अपने बच्चो को कंधों पर लाते दिखाई दी। चैत्र नवरात्री के अवसर पर मंदिर के सदस्यों ने यज्ञ पूर्णाहुति में भाग लिया। मेले में तरह-तरह की दुकानों के बीच हजारो लोगो ने झूला-चकरी का भी आनंद लिया। मेले में विशाल भंडारे का आयोजन भी हुआ जिसमें 7000 से अधिक लोगो ने प्रसादी ग्रहण की। मंदिर समिति के अध्यक्ष रतनसिंह डामोर ने बताया कि मेले में सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों का सहयोग सराहनीय रहा। अंतिम दिन जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती भूरिया ने मेले में आकर मां अंबे के दर्शन किए। उन्होंने जिला पंचायत सदस्य रुपसिंह डामोर, मेला समिति के अध्यक्ष रतनसिंह डामोर, सलेल पठान, रसीद कुरैशी, वीणा नरेंद्र सिंह राठौर, जोगडिय़ा निनामा बावड़ी, अनिल सोलंकी, छापरी की सरपंच नब्बु डामोर के साथ मेले में पहुंच कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। Post navigation विक्रमसिंह डोडिया के एमपी-3 सीडी का विमोचन रामनवमी धूमधाम से मनाई गई