झाबुआ। मप्र पटवारी संघ के प्रांतीय आव्हान पर प्रांतीय कार्यकारणी द्वारा 24 मार्च को मप्र राजस्व निरीक्षक संघ के साथ संयुक्त रूप से पटवारियों एवं राजस्व निरीक्षकों की लंबित मांगों की पूर्ति हेतु ज्ञापन सौंपा गया। इसी क्रम में 31 मार्च को जिला पटवारी संघ एवं जिला राजस्व निरीक्षक संघ के द्वारा संयुक्त रुप से मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें मांगे न माने जाने की स्थिति में 10 अप्रैल से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर जाने की घोषणा भी शामिल है। मप्र पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश मुलेवा ने जिले के समस्त पटवारियों से 31 मार्च को 11.30 बजे से जिला मुख्यालय पर मौजूद रहने की अपील की है। पटवारी-राजस्व निरीक्षक 10 अप्रैल से हड़ताल पर- पटवारी अब अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की राह पकड़ते नजर आ रहे हैं। 31 मार्च को कलेक्टर को शासन के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। उक्त जानकारी देते हुए मप्र पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश मुलेवा व राजस्व निरीक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आईएस गणावा ने बताया कि ग्राम पंचायत के सचिव कृषि विस्तार अधिकारी व अन्य पद पर काम करने वाले कर्मचारी के वेतन भत्ते में सरकार ने बढ़ोतरी कर दी है। अभी तक पटवारियों के वेतन-भत्तों पर पूरा ध्यान ही नहीं दिया। सन् 2007 में मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी आज तक कार्रवाई नहीं की गई। हर बार पटवारियों को आश्वासन देकर काम पर बुलवा लिया जाता है किंतु उस उन्होंने निर्णय सुना दिया कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे काम नहीं करेंगे। वर्तमान में पटवारियों के अतिरिक्त अन्य हल्को के काम, बंद बस्ते जमा कर रखे हैं है। बताया जाता है कि प्रमुख सचिव ने पटवारियों की मांग के अनुसार प्रस्ताव बनाकर भेजते हुए कहा कि उक्त फाइल वित्त विभाग की सहमति मिलना शेष है। विभाग से हर बार आपत्ति सामने आने की बात बताने पर जल्द ही निर्णय का प्रयास किया जाएगा। पटवारी संघ का कहना है कि 31 मार्च को कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। शासन ने उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया तो वे 10 अप्रैल से हड़ताल पर उतर जाएंगे। हड़ताल में उनके साथ इस बार राजस्व निरीक्षक भी होने से प्रशासन हर बार की तरह पटवारियों का काम उनसे भी नहीं करवा सकेगा। आरआई व पटवारियों के साथ हड़ताल पर चले जाने से इस समय होने वाले सीमांकन कार्य तो प्रभावित होंगे ही वहीं 14 अप्रैल को प्रारंभ होने वाले शासन के महत्वपूर्ण अभियान ग्रामोदय में भी परेशानी आएगी। तहसील पंचायत उनके बगैर कोई कार्य नहीं कर पाएगी। अभियान की मुख्य भूमिका पटवारी होने से अभियान सफल होने में परेशानी होगी। अभियान को सफल बनाने के लिए उनके पक्ष में जल्द से जल्द निर्णय लेकर शासन मांगे पूर्ण करे। गौरतलब है कि पटवारियों ने अतिरिक्त हलकों के बस्ते जमा कर रखे हैं जिससे कारण किसान व अधिकारी परेशान हो रहे हैं। पटवारी हड़ताल की बात कहकर काम टालते नजर आ रहे हैं। Post navigation मुख्यमंत्री कन्यादान योजना तहत 302 सामूहिक विवाह हुए संपन्न हिंदी-उर्दू अल्फाजों के गीतों में झाबुआ के वसीमुद्दीन शेख ने बिखरे जलवा