रितेश गुप्ता, थांदला सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2017 के संबंध में मप्र उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा दिए फैसले से महिला उम्मीदवारो के मन में न्याय की उम्मीद जग गई है। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्य पात्रता परीक्षा- 2018 (सेट 2018) के परिणाम भी पुन: घोषित करने की मांग की है। गौरतलब है कि राज्य पात्रता परीक्षा में भी महिलाओ ंके लिए हॉरिजेंटल आरक्षण था और उक्त परीक्षा में भी आयोग ने महिला आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया था । यह भी कि उक्त परीक्षा में कितने ही विषयों में पीएससी ने महिला प्रवर्ग का कट आफ अधिक होने पर महिलाओं का कट आफ तालिका में नहीं बताया। महिला उम्मीदवारों का कहना है कि आयोग ने महिलाओं के मौलिक अधिकारों का हनन किया है । इन महिलाओं की मांग है कि राज्य पात्रता परीक्षा 2018 के परिणाम भी पुन: घोषित किए जाए, महिला परीक्षार्थी डॉ अंजली जोशी एडॉ कविता पवारए सुनीता जैन एवं अन्य कई महिलाओं ने मुख्यमंत्री शिवरासिंह चौहान को इस आशय का पत्र लिखा है। Post navigation लॉकडाउन में हुआ प्रथम विवाह : विवाह के पवित्र बंधन में बंधे प्रदीप-उमा कोविड-19 महामारी में बाहरी व्यक्तियों की जानकारी देकर ही शहर व ग्राम सुरक्षित रहेंगे : बीएमओ राठौर