दिनेश वर्मा, झाबुआ यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के सतत प्रयासों से मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को नई मजबूती मिल रही है। इसी संरक्षण संकल्प की जीवंत तस्वीर है बांधवगढ़, जहां बाघ की एक झलक जंगल की पूरी कहानी कह देती है। बांधवगढ़ केवल बाघों का घर नहीं, बल्कि अनगिनत जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों और जीवन की विविधता से भरी एक पूरी दुनिया है। https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Video-2026-10-07-at-3.55.13-PM.mp4 दुनिया भर से पर्यटक इस अद्भुत जंगल और बाघों को देखने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इस खूबसूरत दृश्य के पीछे एक ऐसी अनकही कहानी भी है, जो हर दिन जंगल में लिखी जाती है। यह कहानी उन वनरक्षकों की है, जो दिन हो या रात, हर परिस्थिति में जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहते हैं। वे पैरों के निशानों से बाघ की दिशा पहचानते हैं, ऊंचे पेड़ों पर चढ़कर निगरानी करते हैं, दिन में जंगल की गश्त लगाते हैं और रात के अंधेरे में भी पेट्रोलिंग करते हुए वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इनकी सतर्क निगाहों और अथक प्रयासों से जंगल सुरक्षित है, वन्यजीव सुरक्षित हैं और बाघों का संसार सुरक्षित है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सागर स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आयोजित “वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह” के समापन समारोह में गिद्ध संख्या आकलन-2026 रिपोर्ट जारी की। प्रदेश में गिद्धों की संख्या में 123% की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जो मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रभावी प्रयासों की सफलता का प्रमाण है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने बुंदेली बोली में रचित पुस्तक “वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व” का विमोचन भी किया, जो बुंदेलखंड की समृद्ध प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी। Post navigation अगले 2 वर्षों में बनेंगे सभी जर्जर और भवनविहीन स्कूलों के नए भवन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव डिप्टी कलेक्टर वैशाली सोलंकी को जिला परियोजना समन्वयक का अतिरिक्त प्रभार