दिनेश वर्मा, झाबुआ पिछले 10-15 दिनों के समाचार पत्रों और टीवी पर दिखाए गए दृश्यों को याद करें। जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत की चुनाव प्रणाली की सराहना करते हैं और कहते हैं कि ऐसी व्यवस्था अमेरिका में भी लागू की जा सकती है, तो स्वाभाविक रूप से गर्व होता है। यह हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती और हमारी डिजिटल व्यवस्था की सफलता है। https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Video-2026-10-06-at-2.50.22-PM.mp4 एक तस्वीर में चीन के राष्ट्रपति एक ओर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दूसरी ओर और भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी बीच में दिखाई देते हैं। यह दृश्य देखकर आनंद होता है। यही बदलते दौर का भारत है, यही बदलते समय की तस्वीर है। हमारे लिए यह सौभाग्य की बात है कि आज के इस आयोजन में लगभग 60 हजार शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के 50 लाख विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों के लिए सेवा के 25 वर्षों को केवल याद करना ही नहीं, बल्कि उसे सेवा-संकल्प के रूप में समझना जरूरी है। स्वच्छता रखना, पेड़ लगाना, पानी बचाना, जरूरतमंदों की मदद करना, माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करना तथा देश की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए सुशासन और ईमानदारी के प्रति प्रतिबद्ध रहना; यही हमारे विद्यार्थियों के संस्कार होने चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। अनेक ऐसी कठिनाइयों का समाधान किया गया, जिनके बारे में पिछली सरकारें केवल बात करती रह गईं। डीबीटी के माध्यम से पात्र हितग्राहियों के हक का पैसा सीधे उनके खातों तक पहुंच रहा है।मध्यप्रदेश सरकार भी इसी भावना के साथ निरंतर काम कर रही है। आज सरकारी विद्यालयों में भी सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, गणवेश और पुस्तकें जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ शिक्षकों के हित में भी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इस वर्ष हमने संकल्प लिया है कि स्कूल शिक्षा विभाग के जर्जर भवनों और भवनविहीन शालाओं के सभी भवन अगले दो वर्षों में पूर्ण किए जाएंगे। मैं इस आयोजन में सहभागी सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और आयोजकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। – डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा हमारी सरकार प्रदेश के सभी जिलों के शासकीय महाविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था करेगी। रिसर्च स्कॉलर्स के लिए रिसर्च स्कॉलरशिप ₹16,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने की घोषणा करता हूं। सभी शासकीय महाविद्यालयों में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड कंप्यूटिंग लैब स्थापित की जाएंगी। युवाओं के स्टार्टअप आइडिया को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तर पर ₹5 करोड़ का आइडिया फंड बनाया जाएगा। बेटियों के लिए “गांव की बेटी” और “प्रतिभा किरण” योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा। कॉलेजों में बेहतर प्लेसमेंट के लिए एक विशेष एजेंसी भी निर्धारित की जाएगी। अगला वर्ष “युवा वर्ष” होगा। एक वर्ष में एमपीपीएससी की एक नहीं, दो परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 नई यूनिवर्सिटी खोली जाएंगी। – डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री Post navigation मध्यप्रदेश को देश का नंबर-वन दुग्ध उत्पादक राज्य बनाना मुख्य लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मप्र में वन्यजीव संरक्षण को बड़ी कामयाबी: गिद्धों की संख्या में 123% की रिकॉर्ड वृद्धि, सीएम ने जारी की रिपोर्ट