भूपेंद्र बरमण्डलिया@मेघनगर

 मेघनगर से लगी पडोसी राज्यों गुजरात की सीमा मांडली, गवाली, पतरा और तांदलादरा एवं ढांढनिया गुजरात से लगी सीमाओं का उच्चाधिकारियों द्वारा औपचारिक निरक्षण पूर्व में क्यो नही किया गया ? क्यो मामला आने के बाद अभी निरक्षण किया गया?अगर पूर्व में निरीक्षण किया गया होता तो आज रम्भापुर के दो परिवार को होम कॉरोंटाइन नही करना पड़ता। लेकिन आज भी उसी का फायदा उठा कर कई लोग गुजरात के दाहोद जा कर वापस भी आ रहे है, जिसका ताजा उदाहरण हमे रम्भापुर में एक गमी के कार्यक्रम में देखने को मिला जहाँ दो मकानों को प्रसाशन द्वारा होम कोरेंटटाइन किया गया, जिनजल लोगो को होम कोरेंटटाइन किया गया । वह लोग कुछ दिन पहले दाहोद गए थे और दाहोद से वापस भी आये तब उन लोगो का ध्यान क्यो नही रखा गया प्रसाशन द्वारा , जबकि गुजरात और मध्यप्रदेश की सीमा सील होना बताया जा रहा हैं..और बताया जा रहा है कि परिंदा भी पर नही मार सकता उसके बाद भी ये लोग दाहोद कैसे पहुँचे ओर दाहोद से कैसे वापस आ गए यह एक बड़ा सवाल खड़े कर रहा हैं।

प्रशासन का नरम रवैया

यहाँ प्रशासनिक बड़े अधिकारियों का कर रहा हूं पूरी तरह से नरम रवय्या देखने को मिल रहा हैं जब कि पूरे देश में कोरोना वैश्विक महामारी के चलते बवंडर मच्चा हुआ हैं और यहाँ का प्रसाशन कैसे क्षेत्रवासियों की सुरक्षित रखेंगे।यह बड़ा सवाल है।

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