झाबुआ लाइव के लिए थांदला से रितेश गुप्ता की रिपोर्ट- नगर परिषद द्वारा नंबर प्लेट बनाने वाली कंपनी के माध्यम से मकान नंबर प्लेट का वितरण 50 रुपए के शुल्क के साथ किया जा रहा है, परन्तु नंबर प्लेट जैसे ही नगर के किसी व्यक्ति के हाथों में आती है उसकी बनावट एवं खमियां देखकर लेने में आनाकानी करना शुरु कर देता है। नगरवासियों के अनुसार ऐसी नंबर प्लेट की 10 रुपए से अधिक नहीं हो सकती। नंबर प्लेट में मकान नंबर भी गलत पाए गए और सबसे बड़ी बात मार्ग या मोहल्ले का उल्लेख किसी भी नंबर प्लेट में नहीं होने से मकान नंबर प्लेट अर्थहीन नजर आ रही है। मकान नंबरों में हेरफेर होने से नागरिकों के आधार कार्ड-वोटर आईडी समेत पहचान पत्र भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। नगर पंचायत द्वारा पूर्व में आवंटित मकान नंबर से मेल नहीं खाने से खासी दिक्कते नगरवासियों को आ रही है। मोहल्ले का नाम उल्लेख नहीं होने से एक ही नबंर की प्लेटे अन्य वार्डो मे भी वितरित की गई। जनचर्चा बनी हुई है कि कमीशनखोरी के चलते नगर परिषद द्वारा बनाई गई नंबर प्लेट अपने हितों को देखते हुए जल्दबाजी में बिना किसी तैयारी के बनवाकर वितरित की जा रही है। Post navigation सरकार का फैसला ज्यादा सोना रखने वालों को देना होगा टैक्स इस गांव मे अचानक बीमार हुऐ दो दज॔न ग्रामीण; मेडीकल टीमे मोकै पर