मयंक विश्वकर्मा@ आम्बुआ दुनिया को अलौकिक करने तथा जड़ चेतन को जिंदगी प्रदान करने वाले भास्कर भगवान के मकर राशि में प्रवेश करने तथा उत्तरायण होने पर हिंदू समाज द्वारा मकर सक्रांति का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने की परंपरा का पालन इस वर्ष भी किया गया तिल्ली के लड्डू खिचड़ी आदि की प्रसादी भगवान को चढ़ाया जाकर दिनभर गिल्ली डंडा तथा पतंगबाजी का आनंद उठाएं जाने के समाचार है मकर सक्रांति विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न तरीके से मनाए जाने के रिवाज से आम्बुआ कस्बा जो कि गुजरात सीमा के समीप है यहां पर गुजराती संस्कृति तथा निमाड़ मालवा एवं भीलांचल की मिली-जुली संस्कृति प्रचलित होने से गुजरात की उत्तरायण तथा मालवा निमाड़ की मकर सक्रांति मनाई जाती है इस दिन तिल्ली के लड्डू तथा खिचड़ी बनाए जाने का प्रावधान है हालांकि इसके अलावा अन्य पकवान भी बनते हैं उनमें मूंग दाल का उपयोग भी प्रमुख होता है आम्बुआ में इस बार भी पतंगबाजी तथा गिल्ली डंडा का आयोजन दिनभर चलता रहा मंदिरों में दिनभर पूजा पाठ का आयोजन भजन कीर्तन भी किए गए इस तरह मकर सक्रांति धूमधाम से मनाई गई Post navigation आखिर जिम्मेदार जागे और निजी शिक्षण संस्था ने जानलेवा टीन शेड की कराई गई मरम्मत लापरवाही: हथिनी नदी असमय सुखी; उचित तरीके से पानी नहीं सहेजने के कारण स्टॉप डेम हुए खाली…