रक्षित मोदी, छकतला
आदिवासी संस्कृति के महापर्व भगोरिया में लाखों की संख्या में भोंगर्या पर्व देखने के लिए देश विदेशों से आए। अपनी संस्कृति अपनी परंपरा-ढोल के साथ में नाचना और मित्रों व रिश्तेदारों से मिलना बड़ा आनंद का विषय भोंगर्या पर्व है। इस आनंदमयी भोंगर्या हाट में दुनियाभर के लोग आकर अंचल की संस्कृति को देखते हैं आज भी क्षेत्र में ग्रामीण परिवेश व संस्कृति जीवित है और यह देखने के लिए भगोरिया में आना होता है विभिन्न प्रकार की संस्कृति भिन्न प्रकार के पहनावे एवं नाच गान होते हैं। आज छकतला में गांव की गेर निकाली गई। पटेल पुजारा तड़वी वह गांव के सरपंच एवं गांव के सभी वरिष्ठ लोगों द्वारा विधिवत पूजा कर गेर निकाली गई तथा आसपास के सभी गांवों से भी गैर के रूप में सैकड़ों की तादात में ढोल लेकर ग्रामीण आए और भगोरिया का आनंद लिया। वही प्रशासन द्वारा भगोरिया पर्व हेतु जहां स्थान चिन्हित किया था। उस स्थान पर कार्यक्रम ना होते हुए कई वर्षों से परंपरागत तरीके प से भगोरिया होता था उसी प्रकार से हुआ प्रशासन की व्यवस्थाएं अस्त-व्यस्त रही जिससे गांव के लोग व व्यापारी लोग को बहुत ही असुविधा का सामना करना पड़ा। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्षवकीलसिंह ठकराला के नेतृत्व में भी गेर निकाली गई, जिसमें सरपंच एवं जनपद सदस्य व भाजपा नेता-कार्यकर्ता ने अपनी संस्कृति का परिचय देते हुए गेर में सम्मिलित हुए। इसी के साथ अलीराजपुर के विधायक मुकेश पटेल व वरिष्ठ व युवा कांग्रेसी नेताओं ने भी गेर निकाली तथा भगोरिया में आए ग्रामीणों को भोंगर्या, रंगों के पर्व होली, धुलेंड़ी की बधाई दी। इस भोंगर्या पर ग्रामीणों ने जमकर खरीदी की।

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