अशोक बलसोरा, पारा

 मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अवैध भूमाफिया के विरुद्ध छेड़े गए अभियान की आड़ में आए दिन अनुविभागीय अधिकारी द्वारा माफियाओ को छोड़कर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। वही प्रशासन की तानाशाही का आलम यह है कि बिना किसी नोटिस व पुर्व सूचना के ही तोडफ़ोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी जाती है।   जानकारी के अनुसार रविवार की शाम 6 बजे के लगभग झाबुआ के अनुविभागीय अधिकारी अभयसिह खराडी स्वंय बिना किसी पुर्व सूचना के दलबल समेत आकर आम लोगो धमका कर तोडऩे की कार्यवाही शुरु करने लगे। लोगो के विरोध करने पर वहां से अन्यंत्र स्थान चले गए। सर्वे क्रमांक 357 पर बनी ग्राम पंचायत की शासकीय दुकानो मे बिना किसी नोटिस के तोडफ़ोड़ की गई । बताया गया कि उक्त दुकाने चरनोई कि जमीन पर बनाई गई है। किन्तु इसी सर्वे क्रमांक 357 की चरनोई भुमि पर सिचाई विभाग के आवास एव कार्यालय तथा कन्या हायर सेकंडरी स्कूल भी बना हुआ है। जब दुकाने अवैध बनी तो उपरोक्त स्कूल व आवास वैध केसे हो गए, पारा ग्राम मे ही कई लोगो ने शासकीय भूमि पर कब्जा कर रखा है, जो कि राजस्व विभाग कि जानकारी मे भी हे। किन्तु राजनीतिक दबाव के चलते उनपर अब तक कोइ कार्रवाई नहीं की गई। ग्राम पंचायत के सचिव को लोगो नोटिस देने के लिए भी अनुविभागीय अधिकारी द्वारा धमकाया जा रहा है व निलंबित करने कि धोंस दी जा रही है, जबकि ग्राम पंचायत द्वारा अतिक्रमण को लेकर किसी भी प्रकार का प्रस्ताव पारित नही किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी द्वारा अपने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आबादी क्षेत्र मे बिना ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के अपनी मनमर्जी से तानाशाही की जा रही है।

यहां हुआ विवाद-
शंकर मंदिर के समीप बने निजी भवन के मालिक से एसडीएम का विवाद हुआ। बताया जाता है कि जिस भूमि पर दोमंजिला भवन बना हे उस की विधिवत रजिस्ट्री मकान मालिक के पास है। रजिस्ट्री में दर्ज सीमांकन के आधार पर उक्त भवन का निर्माण किया गया है। बावजूद इसे एसडीएम इस भवन को अतिक्रमण बता कर तोडने पहुचे जहां मकान के मालिक व परिजनों से जमकर विवाद हुआ। मकान मालिक का कहना था। कि बिना किसी सूचना के मकान तोडऩे कैसे पहुंचे अभी तक उनको इस कार्यवाही की कोई जानकारी नही है। इस पर एसडीएम ने तत्काल ग्राम पंचायत के सचिव को नोटिस देने को कहा व तामिल नही होने पर मकान पर चस्पा करने की बात कही व अमला लेकर वहा से चले गए।

होलीचौक पर गिराई पंचायत की दुकाने-
एसडीएम ने बस स्टैंड के नीचे से अतिक्रमण तोडऩे का अमला हटाने के बाद राजगढ रोड का रुख किया व होली चौक पहुच कर ग्राम पंचायत पारा द्वारा बनाई गई नई दुकानो को तोडऩे की कार्रवाई की। पंचायत की दुकानो तोडऩे मे असफल रही जेसीबी मशीन तो पॉकलैंड मशीन बुलवाकर नवनिर्मित दुकानो को जमिंदोज कर दिया। जिससे ग्राम पंचायत का लाखो रुपए का नुकसान हुआ, जबकि पंचायत द्वारा बनाई जा रही दुकाने नगर विकास कि रुपरेखा के अनुरुप  विधि सम्मत थी। ग्राम पंचायत द्वारा विधि सम्मत प्रस्ताव पारित कर एवं तकनीकी स्वीकृति प्राप्त कर दुकानों का निर्माण करवाया जा रहा था।

नायक फिल्म के नायक कि तरह एसडीएम कर रहे कार्रवाई-
पारा नगर मे आतंक का प्रयाय बन चुके एसडीएम खराडी नायक फिल्म के अभीनेता की तर्ज पर कार्य कर है। बगैर किसी सूचना के दिन ढलने के बाद नगर मे पहुंच कर देर रात तक कार्रवाई करने वाले एसडीएम से जब विवाद होने पर मकान मालिक ने कहा कि उनके पास इस संबंध मे आजतक कोई सूचना नहीं है, तो एसडीएम ने तत्काल पंचायत सचिव व पटवारी को धमका कर हाथो-हाथ नोटिस देने लगे। व तत्काल कार्रवाई करने के लिए अंचल में अवैध भू-माफियाओं को छोड़कर आम लोगो पर की जा रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।

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