राज सरतलिया पारा

अनुविभागीय अधिकारी की उपस्थिति मे रविवार को चालु हुई पारा नगर मे अतिक्रमण हटाने कि मुहिम आज तीसरे दिन मंगलवार को फिर से शुरु हुई। जिसमे होलीचौक पर बनी हुई नई व पुरानी 18 दुकाने व बस स्टैंड के समीप रोड पर बनी हुई 8 दुकान मिलाकर कुल 25 दुकानो को ध्वस्त किया। जिससे प्रशासन की व पंचायत का करोडो रुपए का नुकसान हुआ।
झाबुआ अनुविभागीय अधिकारी अभयसिह खराडी ने मंगलवार को पारा नगर मे होली चोक पर बनी पंचायत कि नवनिर्मित 9 दुकान व पुरानी 8 कुल 17 दुकान को पंचायत द्वारा जिला प्रशासन की बिना अनुमति के बनाई गई जिनको पॉकलैंड मशीन लगाकर जमींदोज कर दिया। वही बस स्टैंड के नीचे बनी लोक निर्माण विभाग की भूमि पर बनी 8 दुकानों को भी ध्वस्त कर दिया। पारा पंचायत कि कुल 25 दुकानो के ध्वस्त होने से जहा ग्राम पंचायत को प्रति माह मिलने वाले राजस्व के हजारो रुपयो का नुकासान हुआ वही सरकार का भी लाखो रुपये का नुकसान होने के साथ ही नगर समेत आसपास के 2 हजार से भी ज्यादा लोग बेरोजगार हो गए जिससे सभी के सामने रोजीरोटी का संकट आ खडा हुआ है। ऐसा लगता हे कि कमलनाथ सरकार इसी तरह लोगो बेरोजगार करने के बाद 5 हजार रुपए का बेरोजगारी भत्ता देगी। नवनिर्मित 9 दुकानो को छोड कर शेष 16 दुकाने करीब 15 वर्ष पुर्व कि बनी हुई हे। जिस पर इतने वर्षो से जिला प्रशासन ने ध्यान क्यो नही दिया । यह विचारणीय प्रश्न है। सरकार के लाखो रुपए को इस तरह बर्बाद करके प्रशासन को क्या हासिल हुआ। वर्तमान मे पारा के हालात कुछ इस तरह हो गए कि विकास की दौड़ में आगे बढ़ रहा पारा इस मुहिम से खंडहर में तब्दील होकर करीब 25 वर्ष पिछड गया। म्ंागलवार कि सुबह दस बजे पारा नगर मे आए एसडीएम खराड़ी पुलिस चैकी पारा पर पहुंचे जहा पर नगर के सभी दुकानदारो ने उनसे मुलाकात कर अपना पक्ष रखा व बताया कि उक्त दुकाने उन्होंने पंचायत द्वारा कि गई। विधिवत नीलामी मे ली है। साथ ही अनुबंध के अनुसार सभी शर्तो को पुरा कर अपना व्यवसाय कर रहे। दुकानदारो ने दुकानो को नहीं तोडऩे का निवेदन किया बावजुद इसके एसडीएम ने किसी भी न सुनते हुए दुकानों को तोडऩे का फरमान सिर्फ इसलिए सुना दिया कि ग्राम पंचायत ने इन दुकानों को बनाने कि अनुमति जिला प्रशासन से नही ली। पंचायत की 25 दुकानो को ध्वस्त करने के बाद एसडीएम श्री खराडी ने बस स्टैंड के समीप बनी बुनियादी प्राथमिक शाला करीब 60 वर्ष पुरानी राईट ऑफ हो चुकी बिल्डिंग व साथ ही पारा नगर व जिले कि पहली नलजल योजना मे बनी राईट ऑफ होचुकी पानी की टंकी को भी बिना किसी प्रोटेक्शन के ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमण हटाने कि मुहिम से नगारीको कहना हे कि पारा मे अतिक्रमण हाटाने कि जो कारवाही कि जा रही हे वह राजनितिक द्वेषता के कारण कि जा रही है। जिसमे संघ व भाजपा से जुडे अधिकांश लोगो को निशाना बनाया जा रहा हे।

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