बुरहान बंगड़वाला@ खरडुबडी भगोरिया हाट बाजार होने से हर साल की तरह इस साल भी आसपास के ग्रामीणों महिला एवं युवाओ मे होली का त्यौहार का जोश देख ने को मिला यहाँ पर झूला चकरी करीब तीस से भी ज्यादा देखने को मिला। परतु महिला एवं युवाओ ने भी झूला चकरी पर बैठकर जिसका लुक लिया गया और ठंडा पिना, कुल्फी, गन्ने का रस, छोटे बच्चों के खिलोने, हाथ पर टेटु बनाने की व्यवसाय भी जोर शोर से चला साथ ही होटलों पर चाय नाश्ते का भी जमकर व्यवसाय हुआ।देखा जाये तो अभी ग्रामीणों ने सिर्फ खाने पिने का शोक रखते हैं क्योंकि अभी होली का त्यौहार का समय बाकी होने से दुकानों पर खरीदी कम कर रहे हैं। हाथ बाजार में होटलों एवं झूला चकरी, खिलोने वाले का अच्छा धंधा चला है किराना दुकानदार के यहाँ न के बराबर धंधा रहा। इसके साथ ही ढोल मांडल भी करीब पंद्रह से ज्यादा देखने को मिला यहाँ पर कोई सरपंच या कोई नेताओं ने ढोल माडल के साथ गेर नहीं निकाली गई पंरतु ग्रामीणों ने अपनी स्वच्छता से गेर निकाली। कोविड 19 को देखते हुए शासन की गाइड लाइन के नियम के अनुसार ना तो महिला एवं युवा पीढ़ी ने मास्क नहीं बाधे नहीं दूरी बनाए रखी शासन चाहे कितना भी कोशिश कर ले परतु आदिवासी अंचल में कोरोना की परवाह किये बिना आम आदमी की तरह एकत्रित होकर साथ में रहते हैं नहीं कोई मास्क का उपयोग हो रहा है नहीं दूरी बनाए जाती हैं जिसके देख कर ऐसा लगता है कि भगोरिया हाथ बाजार के बाद कोरोना की रफ़्तार तेज हो शक्ति है.। Post navigation गांव में निकाली गई विशाल कलश यात्रा; सैकड़ो श्रद्धालुओं ने लिया भाग … गल बाबा पर मन्नत उतारने के लिए उमड़े भक्तों का जनसमूह