मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ विगत दिनों से मौसम परिवर्तन के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कभी ठंड तो कभी गर्मी का अहसास के बीच 7 जनवरी की सुबह अचानक हुई बूंदाबांदी तथा ठंडी हवाओं ने ठंड में इजाफा कर दिया है। मौसम का मिजाज समझ से परे होता जा रहा है । मौसम के जानकारों की जानकारी भी धरी रह रही है विगत हफ्ते भर से आसमान पर बादलों का डेरा है ठंडी हवाओं के कारण रात के तापमान में भारी गिरावट देखने को मिल रही है 7 जनवरी की सुबह लगभग 10 बजे अचानक ही मौसम ने फिर करवट बदली और आसमान से रिमझिम बूंदाबांदी होने लगी हालांकि यह कुछ मिनट तक चली मगर उसके साथ-साथ ठंडी हवा चलने से मौसम में और अधिक ठंड घुल गई। मजबूरन लोगों को दिन में भी गर्म कपड़ों तथा अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है वृद्ध तथा बच्चों की हालत अधिक खराब हो रही है परिजन उन्हें गर्म कपड़ों के सहारे घरों में रख रहे हैं जानकारों के अनुसार इस बे मौसम मावठे की वर्षा तथा बादलों के कारण रबी की फसले खराब होने की आशंका बढ़ रही है। Post navigation विधायक से की टोकरिया झीरण-बेहड़वा मार्ग की धंसी हुई पुलिया निर्माण की मांग सेवानिवृत्त शिक्षक तीन साल से अपने हक के भुगतान के लिए भटक रहा