मयंक विश्वकर्मा@आम्बुआ आम्बुआ। बरसात के मौसम को विदा हुए महीने बीत गए, विगत दिनों क्षेत्र में मावठा भी गिरा मगर अब क्षेत्र में वर्षा नहीं होने के बावजूद सड़क पर कीचड़ ही कीचड़ नजर आए तो इसे क्या कहा जाएगा। कुछ नागरिकों तथा स्थानीय प्रशासन की अनदेखी का खामियाजा राह चलते राहगीरों तथा क्षेत्रों में निवासरत लोगों को उठाना पड़ रहा है। इस तरह सड़क पर बहता रहता है पानी। इससे कीचड़ हो रहा है। हम बात कर रहे हैं आम्बुआ कस्बे की। विशेषकर स्वास्थ्य परिसर तथा वन विभाग परिक्षेत्र में इन दिनों पूरी सड़क वैसे ही उखड़ कर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस सड़क के उखड़ने का प्रमुख कारण जो भी है उनमें से एक कारण इस सड़क पर साल के 12 माह गंदा पानी बहते रहना भी है। पता चला है कि वार्ड क्रमांक 5 एवं 6 के एक बड़े हिस्से की सड़क पर पानी बहता रहता है जो गड्ढों में भर जाता है। जो वाहनों के चलने से उखड़ कर राह चलते राहगीरों के कपड़ों को कीचड़ से तरबतर करता रहता है। यही नहीं आसपास के घरों के चबूतरे तक गंदा पानी उड़ता रहता है। कई दुकानों में भी यह गंदा पानी सामान खराब कर देता है। इसी क्षेत्र में सड़क किनारे ग्रामीण महिलाएं सब्जी की दुकानें जमीन पर लगाती है। सब्जियों पर कीचड़ और धूल उड़कर सब्जियों को खराब तथा प्रदूषित कर देता है इस कारण कई लोग सब्जी खरीदने से परहेज करते हैं जिससे ग्रामीण सब्जी विक्रेताओं को भी हानि उठाना पड़ती है। पता चला है कि सड़क पर यह पानी कई घरों के बाहर बगैर टोंटी के लगे नलों से तथा स्वास्थ्य विभाग के सामने स्थित हैंडपंप जिसके पानी की निकासी हेतु रखी पानी की टंकियां भर जाने के बाद अधिक समय तक बहते रहने वाला पानी भी बह कर स्वास्थ्य विभाग के सामने से होता हुआ वन विभाग कार्यालय तथा आवास से आगे तक बहता रहता है। यही पानी मिट्टी में मिल कर वाहनों के आवागमन से कीचड़ बनकर उड़ता रहता है जिससे आने जाने वाले परेशान होते रहते हैं। Post navigation मां के लिए दवा लेकर बाइक से जा रहे युवक को गोली मारने वाला आरोपी गिरफ्तार भारतीय गणतंत्र की 73वी वर्षगांठ सादगी से मनाई गई