ब्रजेश श्रीवास्तव, छकतला आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था बखतगढ़ में हाल ही में मध्यप्रदेश शासन की नई ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था का प्रशिक्षण और नवीन किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सदस्यता अभियान का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाना है। खाद वितरण की नई प्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए कृषि विभाग के एडीपीओ शेरसिंह जाजमे ने बताया कि अब प्रदेश में खाद का वितरण ई-टोकन के माध्यम से ही किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए किसान की फार्मर आईडी और मोबाइल नंबर का होना अनिवार्य है। किसान की आईडी और उसकी बोई गई फसल के आधार पर ही खाद की मात्रा निर्धारित की जाएगी। किसान अपना ई-टोकन स्वयं ‘एमपी किसान ऐप’ के जरिए जनरेट कर सकते हैं या मदद के लिए कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। ई-टोकन में जितनी बोरियों का उल्लेख होगा, उतनी ही खाद किसान को प्रदान की जाएगी। यह सुविधा सोसायटियों और निजी लाइसेंसधारी दुकानों, दोनों जगह उपलब्ध रहेगी। किसान अपनी सुविधा अनुसार पूरे सीजन की खाद एक साथ या किस्तों में प्राप्त कर सकते हैं। केसीसी सोसायटी के सदस्यों को भी इसी ई-टोकन प्रक्रिया का पालन करना होगा। इस सत्र में शांतिलाल अलावा (SADO सोंडवा) सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। इसी कार्यक्रम के साथ उपायुक्त सहकारिता आलीराजपुर जी. एल. सोलंकी की अध्यक्षता में नवीन केसीसी सदस्यता अभियान की भी शुरुआत की गई। इस अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। जिला सहकारी बैंक के फील्ड प्रभारी राजेश राठौड़, राहुल चौहान और कैलाश चंद्र सिसोदिया की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में पांच नए किसानों को संस्था का सदस्य बनाया गया। कार्यक्रम के समापन पर संस्था प्रबंधक स्वरूपसिंह कनेश ने सभी उपस्थित अधिकारियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। Post navigation छकतला में बाबा साहेब की जयंती पर आम सभा का आयोजन और विकास कार्यों की समीक्षा छकतला में बड़ी वारदात: किसान के घर से 4 किलो चांदी और 1.50 लाख नकद चोरी