झाबुआ लाइव के लिए पारा से राज सरतलिया की रिपोर्ट- श्रावण के पावन पवित्र मास में चल रहे रामचरित मानस के मास परायण के पाठ के पश्चात रात्रि 9 से 1 बजे तक चन्द्रग्रहण के समय मे महा मृत्युंजय मंत्र का जाप होगा पण्डित संजय शर्मा ने बताया कि श्रावण मास तो शिवजी को विशेष प्रिय है इस माह में शिव पूजा और महामृत्युंजय मंत्र जप का बहुत लाभ मिलता है ऐसे में बहुत दुर्लभ संयोग बन रहा है जो इस तरह है श्रावण मास का पांचवा सोमवार पूर्णिमा और चन्द्रग्रहण इस संयोग में शिव मंदिर में महामृत्युंजय मंत्र के जाप का फल लाख गुना बढक़र मिलता और सभी प्रकार के ग्रह दोष तथा रोग शोक और हर प्रकार के दुखों का नाश होता है। श्रावण के पांचवें 7 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ चन्द्रग्रहण का भी योग है। इस विशेष संयोग में राखी का त्योहार मनाने के लिए कुछ सावधानी और महूर्त भी हम आपको बता रहे है। रक्षाबंधन के दिन भद्रा सुबह 11.6 बजे तक है। ग्रहण का सूतक दोपहर 1.44 पर लगेगा तथा शुद्ध रात्रि को 12.43 बजे पर होगा। इसलिए सोण जिमाणा और रक्षाबंधन का कार्य 11.7 से 1.43 के बीच करना अति शुभ रहेगा। Post navigation Previous Post चोरी की 7 बाइकों के साथ 3 आरोपियों की पुलिस ने की धरपकड़