जितेंद्र वाणी, नानपुर
अलीराजपुर जिले के नानपुर में ओवरलोड बेधड़क, बिना किसी चेकिंग के चल रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार अमल है कि इन वाहनों की कोई सुध नहीं ले रहा है। ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कों की हालत जर्जर हो चुकी है और इन जर्जर सड़कों पर दुर्घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। कई राहगीरों दुर्घटना के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं ग्रामीण नवलसिंह, समरथसिंह, मालसिंह बताते हैं कि सेजगांव रोड पर प्रतिदिन अवैध रेत का परिवहन वाहनों से किया जाता है एवं डम्पर में ओवरलोड रेत भरकर वाहन आंधाधुंध गति से निकलते हैं जिससे की किसी दिन बड़ा हादसा होने का भय है। वहीं इसी मार्ग से अवैध शराब भरकर वाहन निकलना अब कोई नहीं बात नहीं है, लेकिन यह सब कुछ इन्हें रोकने के लिए जिम्मेदार पुलिस व आबकारी अमले को न जाने कौन सी सद्भावना के चलते दिखाई नहीं दे रहा है। इसके विपरीत ग्रामीण सड़क मार्ग से प्रतिदिन अवैध शराब व अवैध रेत का परिवहन कर माफिया लाखों करोड़ों के वारे न्यारे कर रहे हैं। इन मार्गो से गुजरने पर टोल टैक्स व पुलिस इंट्री से भी चालक बच जाते हैं और उन्हें दोहरा फायदा हो रहा है। ग्रामीणों के लिए बनाई गई सड़क को बर्बाद कर रहे है जिससे ग्रामीणों को अनेको परेशानिया का सामना करना पड़ रहा है वही घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सड़क को बनाई गई है बनने के कुछ समय वाद ही सड़क पर गिट्टी ऊपर आ गई थी। यह रोड सेजगांव से अलीराजपुर बायपास निकलता है जिसमे आयेदिन ग्रामीणों को दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ता है ।
प्रधानमंत्री मंत्री ग्रामीण सड़क की घटिया निर्माण व और ओवरलोड वाहनों से सड़क गड्ढो मे तब्दील होने जा रही है । नानपुर से सेजगांव रोड होते हुए अलीराजपुर को जोडऩे वाली सड़क मार्ग पर भारी वाहन टोल टैक्स बचाने के चक्कर मे ग्रामीण सड़क हो रही जर्जर दिनो दिन ओवरलोड वाहन बढ़ते जा रहे पर कोई शासन प्रशासन कोई जिम्मेदार नही दिखाई दे रही है। वही सेजगांव मे सुकड नदी रपट पर ओवरलोड वाहन तेजी से निकालते है वह ग्रामीण किसान व आम जनता रपट से निकलने मे परेशानी उठानी पड रही है।
जिम्मेदार बोल-

हमने पिछले कई बार पुलिस प्रसाशन की मदद से जो टोल टैक्स बचाने के लिए ओवरलोड वाहनों को रोकने के लिए बैरियर भी लगवाया था असामाजिक तत्व द्वारा तोडऩे के बाद विवाद की स्थिति बनी थी। प्रशासन प्रधानमंत्री सड़क के जिम्मेदारो को भी बताया था पर किसी ने हमारी नहीं सुनी आज सड़क जर्जर हो गई है। विभागीय अधिकारियों या प्रसासनिक के मार्ग दर्शन से ग्रामीणों की समस्या का हल हो सकता है।-संजय उपाध्याय, टोल टैक्स प्रभारी
)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *