इरशाद खान, बरझर बरझर के प्रगतिशील किसान सरदार खान ने पारंपरिक खेती में हो रहे नुकसान को देखते हुए खेती का तरीका बदला और अपने खेत में अमरूद का बगीचा लगाने का महत्वपूर्ण फैसला किया। मई 2025 में उन्होंने छत्तीसगढ़ के रायपुर से 3 लाख रुपये की लागत से ‘पिंक ताइवान’ प्रजाति के तीन हजार पौधे मंगवाए। इन पौधों को उन्होंने अपनी 6 बीघा जमीन पर 6-6 फीट की उचित दूरी पर रोपा। पौधों को मवेशियों से सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने अपने निजी खर्च से खेत के चारों ओर मजबूत तार फेंसिंग और जाली लगवाई। सरदार खान स्वयं प्रतिदिन पौधों की सिंचाई करते हैं और राजोद से कृषि दवाएं लाकर उनका नियमित छिड़काव करते हैं। एक साल की कड़ी मेहनत और देखभाल के बाद अब पौधे 3 से 4 फीट तक बड़े हो गए हैं और वर्तमान में एक पौधे पर 15 से 20 फल लग रहे हैं। https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2026/06/WhatsApp-Video-2026-06-04-at-1.35.10-PM.mp4 गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्होंने राजोद साजेली के अनुभवी माली खेमजी भाई से पौधों की छंटाई (प्रूनिंग) करवाई है। माली खेमजी भाई ने बताया कि छंटाई के 10-15 दिनों बाद नई डालियां आएंगी और जनवरी-फरवरी माह तक बड़े आकार के नए फल आना शुरू हो जाएंगे। इससे पूर्व फलों का वजन 800 ग्राम तक था, लेकिन अब आकार और बड़ा होगा। इस उन्नत तकनीक और देखभाल से किसान अगले 10 वर्षों तक लगातार बेहतर पैदावार और मुनाफा ले सकेंगे। Post navigation तालाब में नहाने गए 8 वर्षीय बालक की डूबने से मौत, शाम को मिला शव सोंडवा और बरझर पुलिस ने पकड़ी अवैध शराब, वाहन जब्त किया