जितेंद्र वाणी, नानपुर स्थानीय 200 वर्ष पुराने ऐतिहासिक जैन मंदिर (नांदुरी मंदिर) में चल रहे पर्वाधिराज पर्युषण के पांचवें दिन आज भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शाम 5:00 बजे भगवान महावीर स्वामी के जन्म की मंगल बेला पर मंदिर को आकर्षक लाइटों और फूलों से सजाया गया था। सर्व समाज के लोगों ने मंदिर पहुंचकर भगवान को झूला झुलाकर पुण्य लाभ लिया। भगवान ने अहिंसा परमो धर्म का संदेश दिया था। इस अवसर पर बताया गया कि भगवान की माता को 14 मंगल स्वप्न आए थे। जन्म कल्याणक के पश्चात महाआरती का आयोजन हुआ, जिसके बाद महिलाओं द्वारा भक्ति गरबा किया गया। आज भगवान मन्मोहन पारसनाथ जी की आंगी पंडित उमाशंकर रावल द्वारा की गई। सुबह से ही मंदिर में पूजा-पाठ चल रहा था। जिसमें पहली आरती की बोली राकेश-रिता जैन, दूसरी आरती की बोली मनीष-प्रतीक्षा जैन और पालना झुलाने की बोली प्रीतेश-खुशबू जैन परिवार ने ली। जन्म कल्याणक के पश्चात प्रसाद के रूप में पंजीरी और प्रभावना का वितरण मनीष जैन और राजेंद्र जैन की ओर से किया गया। यह पूरा आयोजन जैन पौराणिक परिवार द्वारा प्रतिवर्षानुसार किया जाता है। इस पावन पर्व पर पौराणिक परिवार के प्रीतेश जैन, उनकी पत्नी खुशबू जैन और बेटी पल जैन द्वारा 6 एकासना की तपस्या और पुत्र आरव जैन द्वारा 3 एकासना की तपस्या की जा रही है। Post navigation भादवी बीज पर आस्था का उमड़ा सैलाब, क्षत्रिय सिर्वी समाज ने धूमधाम से मनाया आई माता का प्रकट उत्सव किशन रैकवार बने युवा गरबा समिति अध्यक्ष, तैयार की कार्य योजना