अर्पित चोपड़ा, खवासा आदिवासी समाज कुरीतियों को खत्म करने के लिए आगे आने लगा है। खवासा क्षेत्र की भामल पंचायत के ग्रामीण दहेज, दारू और डीजे जैसी विकृतियों पर लगाम कसने के लिए आगे आए है। मंगलवार को आदिवासी समाज सुधार समिति और भामल पंचायत के फलिए रूपापाड़ा, रूपारेल, नई आबादी भामल, वडलीपाड़ा और आमली फलिया के पंच, सरपंच, तड़वी और सभी फलियावासियों ने एक सामूहिक बैठक रखी। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शादी में डीजे और पक्की शराब (अंग्रेजी शराब) पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। बैठक में दहेज प्रथा पर लगाम कसते हुए निर्णय लिया गया कि किसी भी शादी में 1 लाख रुपए और 1 किलो चांदी से अधिक का दहेज नहीं लिया जाएगा। ग्रामवासियों ने अपने निर्णय को ग्रामसभा में रखते हुए ग्रामसभा के माध्यम से इसका प्रस्ताव पारित करवाया। इस मौके पर मुन्ना कटारा, लालाराम पंवार, आदिवासी नुक्कड़ नाटक दल के प्रमुख कलाकार गंगाप्रसाद डामर, ताजू तड़वी, सुरतान सिंगाड, रमेश सिंगाड, उपसरपंच राजू डांगी, बहादुर चरपोटा, सुरेश चरपोटा, पूना वसुनिया, चंदूसिंह डांगी, अनिल सिंगाड आदि उपस्थित थे। Post navigation मालवीय बलाई समाज की बैठक खवासा में आयोजित हुई, 22 गांव के अध्यक्ष के साथ समिति हुई घोषित दिल्ली-मुम्बई 8 लेन एक्सप्रेस वे फिर हुआ हादसा, 2 की मौत