झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- जैन हस्त शिल्प प्रदर्शनी को देखने के लिए सैकड़ो लोगों की भीड़ लग रही है। इस स्थिति को देखते हुए तेरापंथी समाज ने निर्णय लिए की प्रदर्शनी को दो दिन के लिए ओर अवलोकन हेतु रखा जाएगा और नगर सहित आसपास के लोगों को प्रदर्शनी देखने का मौका दिया जाएगा। शनिवार को मीडिया का एक दल प्रदर्शनी देखने पहुंचा जहां मुनिश्री पृथ्वीराज जसोल और मुनिश्री चैतन्य कुमार अमन द्वारा सभी को प्रदर्शनी में रखी वस्तुएं दिखाई और उनका महत्व बताया। मुनि चैतन्य कुमार शब्द को शांत सुधा रस ग्रंथ के शब्दों को मिलाकर लिखा गया। इसके साथ ही महावीर स्वामी की तस्वीर और भी कई ऐसी अद्भूत वस्तुएं और उनकी जानकारी मीडिया को दी गई। इसके साथ ही नगर की बालिकाओं द्वारा बनाई गई चित्रकला को भी प्रदर्शनी में रखा गया जिसकी भी प्रशंसा की गई। इस मौके पर मुनिश्री ने कहा की इस प्रकार के आयोजन हमारी संस्कृति को जीवित रखने के माध्यम है और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हमारे संस्कारों को पहुंचाने का माध्यम है। इस प्रकार के आयङ्क्षजन से हम आने वाली पीढ़ी को सीख भी दे सकते है साथ ही हमारे सामाजिक विचारों को उनके मन मस्तिष्क तक पहुंचा सकते है। इस अवसर पर तेरापंथी सभा के अध्यब झमकलाल भंडारी और पवन भंडारी सहित पत्रकारगण उपस्थित थे. Post navigation शासकीय भूमि पर उत्खनन को लेकर राजस्व टीम ने किया मुआयना, उत्खनन रहा जारी जल उपभोक्ता संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ