मयंक विश्वकर्मा@आम्बुआ होलिका दहन के बाद हिंदू समाज का बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व शीतला सप्तमी आज आम्बुआ में धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही मंदिर में महिला श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी जो कि दोपहर तक अनवरत जारी रही। इस बार माता के भक्तों को मंदिर के नवीन स्वरूप में दर्शन होने से हर्ष व्याप्त है। शीतला सप्तमी जिसमें मां शीतला माता को एक दिन पूर्व बनाया गया भोजन व्यंजन आदि चढ़ाया जाता है। आज 24 मार्च को जीर्णोद्धार कर नया स्वरूप में सजा धजा मंदिर में सुबह लगभग 4 बजे से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जो चला तो दोपहर तक अनवरत चलता। आम्बुआ के अतिरिक्त समीप ग्राम बोरझाड़, आगौनी, इटारा, अडवाड़ा, झोरा आदि अनेक गांवों से सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने घर परिवार में सुख शांति की कामना के साथ माता को बासी भोजन व्यंजन चढ़ा कर पूजा अर्चना की। मंदिर प्रांगण में युवा नेता रमेश बघेल द्वारा विगत वर्षों से टेन्ट, लाइट तथा बैठने के साथ-साथ ठंडा पेयजल इस वर्ष भी उपलब्ध कराया गया। इस बार प्रजापत समाज के युवाओं ने पुलिस के साथ व्यवस्था संभाली। समाज के युवाओं की समर्पण भावना की सवर्भ चर्चा रही। स्मरण रहे कि प्रजापत समाज के युवाओं ने समाज जनों तथा अन्य हिंदू समाज से मंदिर जीर्णोद्धार हेतु राशि एकत्र कर मंदिर को भव्य स्वरूप प्रदान किया जिसकी वर्षों से प्रतीक्षा की जा रही थी आगामी समय में मंदिर को और अधिक आकर्षक स्वरूप प्रदान करने की योजना बनाई जा रही। Post navigation पंचमी त्यौहार के मद्देनजर जमकर बिके मुर्गे बकरे 4 माह से सचिव नहीं होने से ग्राम पंचायत के विकास कार्य रुके