मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ भादौ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को देवकी नंदन भगवान श्रीकृष्ण का भारत की धरा पर अवतरण हुआ था जिसे प्रतिवर्ष जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है, इसके बाद शुक्ल पक्ष एकादशी को भगवान श्रीकृष्ण का जलवा पूजन किया जाता है आम्बुआ में आज एकादशी पर यह आयोजन संपन्न हुआ। हमारे संवाददाता को श्री राम मंदिर के पुजारी शंकर लाल पारिख ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद उनका जलवा पूजन किया जाता है उसी कड़ी में डोला निकाला जा कर नदी में जलाभिषेक किया जा ता है, आज 22 सितंबर को शुक्ल पक्ष की एकादशी जिसे देवझूलनी ग्यारस पर भगवान श्रीकृष्ण का डोला बैंड-बाजों के साथ क़स्बे में निकाला गया,आलकी कि पालकी जय कन्हैया लाल की ,हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की ,नंदघर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, प्रभू आपकी जय हो के गगन भेदी जयकारों से आसमान तक गूंज गया भव्य डोला का जुलूस क़स्बे में जब भ्रमण कर रहा था तो लगभग हर सनातनी हिन्दू परिवारों ने पूजा अर्चना की तथा श्री फल , ककड़ी,केला आदि अर्पित कर आरती उतारी, बैंड-बाजों की भक्ति मयी स्वर लहरियां गूंजती रही। नगर भ्रमण पश्चात डोले को हथिनी नदी पर जलाभिषेक किया गया तथा बाद में शंकर मंदिर प्रांगण में पुजारी शंकर लाल पारिख ने महाआरती की तथा फरियाली प्रसाद वितरण किया गया पूरे कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं तथा नन्हे मुन्नों का उत्साह देखते ही बनता था सभी के सहयोग से आयोजन संपन्न हुआ। Post navigation श्री चारभुजा नाथ के जयघोष से गूंजा बड़ी खट्टाली, भव्य चल समारोह में शामिल हुए श्रद्धालु गणेश जी की आरती में गूंजा ‘वंदे मातरम्’, भक्ति के साथ राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम