निगाहे ओर दौरे जोबट पर ज्यादा

कलावती भूरिया के जीवन के अंतिम कुछ महीनों मे अलीराजपुर जिले की राजनीति का केंद्र जोबट बनना शुरू हुआ था जो कलावती भुरिया की असमय मुत्यु के बाद भी जारी है अब अलीराजपुर ओर झाबुआ विधानसभा क्षेत्र के नेताओ की निगाहे अपने राजनीतिक पुनर्वास के लिए जोबट विधानसभा 192 पर आकर केंद्रित हो गयी है बीजेपी से नागरसिंह चौहान – अनिता चौहान – इंदरसिंह चौहान की सक्रियता जोबट विधानसभा मे देखी जा रही है हालांकि यूं देख जाये तो यह तीनो नेता मुलत: जोबट विधानसभा क्षेत्र के ही निवासी हैं .. इधर कांग्रेस से महेश पटेल – शंकर बामनिया अलीराजपुर विधानसभा के है तो झाबुआ विधानसभा कांतिलाल भूरिया भी इलाके मे अपने पुत्र ओर युंका प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर विक्रांत भुरिया के साथ सक्रिय है .. हालांकि इन सभी के लिए दिल्ली अभी दुर है क्योंकि बंगाल सहित 5 राज्यो मे चुनाव करवा चुका निर्वाचन आयोग अब सार्वजनिक ओर न्यायिक आलोचना झेलने के बाद जोबट उपचुनाव या अन्य चुनाव को लेकर जल्दबाजी करने के मुड मे नही है ।

वीडियो कालिंग वाले नेताजी

पश्चिमी मध्यप्रदेश के एक जिले मे केंद्र ओर राज्य मे सत्तारुढ भाजपा संगठन के एक नेताजी ऐसे है जिन्हें वीडियो कालिंग से बात करने का बडा शौक है .. दिलचस्प बात यह है कि अपना शौक पूरा करने के लिए वह महिलाओं को ही कहते है वीडियो काल करो…पुरुषों को नही .. वीडियो कालिंग का आग्रह करते इन नेताजी के दो आडियो उनके विरोधी पार्टी आलाकमान तक भी पहुंचा चुके है लेकिन फिलहाल वीडियो कालिंग का आग्रह अपराध की कानुनी श्रेणी में नहीं है इसलिए उनकी कुर्सी फिलहाल तो सुरक्षित है आगे का पता नही ।

कोरोना काल मे टैंकर ओर यात्री प्रतीक्षालयों उसे राहत

कई सालो बाद आदिवासी अंचल झाबुआ ओर अलीराजपुर मे माननीयों की निधियों से पानी के टैंकर ओर यात्री प्रतीक्षालय के लिए निधि का इस्तेमाल होने की बजाय कोरोना के लिए हुआ वरना पता नही क्यों…सरपंचो को खुश करने के लिऐ यह लोहा लंगड वाले काम ही हमारे माननीय करते रहे है .. यात्री प्रतिक्षालय के वजन से अधिक बिल सुर्खियां बनते रहे है ।

सुलोचना रावत के सक्रिय होने की चर्चा

खबर है कि पूर्व मंत्री ओर विधायक सुलोचना रावत एक बार फिर जोबट की राजनीति मे सक्रिय होंगी… अभी परिवार मे कोरोना से हुई क्षति से वह उभर रही है .. लेकिन सूत्र बताते हैं कि उनकी प्राथमिकता कांग्रेस से टिकट लेने की है .. गौरतलब है कि सुलोचना रावत कमलनाथ कैंप की ही मानी जाती थी .. लेकिन कलावती भूरिया के चलते उनका टिकट कटा था .. ओर उन्हें कांग्रेस से बाहर किया गया था.. कांग्रेस मे मौजूद उनके विरोधी उन्हें अभी भी कांग्रेस से बाहर बताते है जबकि उनके समर्थकों के अनुसार उनकी कांग्रेस मे वापसी हो चुकी है ओर बकायदा उनके पास इसका पत्र भी मौजूद है ।

अब पूर्णकालिक प्रभारी मंत्री का इंतजार

पूरे प्रदेश मे महीनों तक शिवराज सिंह सरकार प्रभारी मंत्री की नियुक्ति नही कर पाई है …हालांकि दो महीने पहले केवल कोविड के मामले देखने के लिए प्रभारी मंत्रीयो की नियुक्ति की गयी …लेकिन अब पूर्णकालिक प्रभारी मंत्रीयो की इसलिए जरूरत है क्योंकि झाबुआ ओर अलीराजपुर जैसे जिलो मे अब सत्तारूढ दल मे गुटीय राजनीति गहराने लगी है हालांकि पूछने पर हर कोई कहेगा कोई गुटबाजी नही है ।

बिना जनरलो का सेना प्रमुख

झाबुआ के BJP जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नायक को जिलाध्यक्ष बने एक साल से अधिक का वक्त हो गया है लेकिन अभी तक उनकी जिला कार्यकारिणी तक नही बन पाई है बताते है कार्यकारिणी की फाइल ऊपर अटकी पडी है विडंबना यह है कि कोरोना काल मे यह कार्यकारिणी जनता के बीच जाकर बेहतर काम कर पार्टी को फायदा पहुंचा सकती थी .. मगर ऐसा नही हो पाया …अब जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नायक बीजेपी के ऐसे जिला सेनाध्यक्ष है जो बिना सहयोगी जनरलों के मैदान मे है ।

✍️ चंद्रभानसिंह भदौरिया

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