झाबुआ। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस गुरूवार को पूरे जिले में मनाया जाएगा। इस दिन जिले के शासकीय एवं अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों, छात्रावास-आश्रमों के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों पर भी 2 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि नाशन (एलबेंडाजॉल) गोलियों का सेवन करवाया गया। जिला मुख्यालय पर इस दिन उक्त कार्यक्रम केंद्रीय विद्यालय गैल एवं हुड़ा स्थित मदरसे में भी हुआ। जहां नेशनल डी वार्मिंग डे के जिला समन्वयक एवं एविडेंस एक्शन से जुड़े अखिलेश बाल्यान द्वारा पहुंचकर बच्चों को कृमि नाशन गोली के सेवन के महत्व के बारे में बताया गया एवं बच्चों को संस्था स्टॉफ के सहयोग से गोलियां भी खिलाई गई। इस दिन कार्यक्रम के लिए जिले में 2 हजार 512 प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शालाओं, 336 निजी शैक्षणिक संस्थाओं एवं 2 हजार 706 आंनगवाड़ी केंद्रों को चयन किया गया था। जहां गुरूवार को 2 से 19 वर्ष तक के अध्ययन करने वाले समस्त बच्चों को एलबेंडाजॉल गोली का सेवन करवाया एवं इसके महत्व की जानकारी दी गई। केंद्रीय विद्यालय गेल में गुरूवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें अतिथि के रूप में नेशनल डी वार्मिंग डे के जिला समन्वयक अखिलेश बाल्यान एवं विद्यालय के प्राचार्य एएच अंसारी उपस्थित थे। सर्वप्रथम कक्षा 6वीं के विद्यार्थियों को एनडीडी के जिला समन्वयक बाल्यान ने बताया कि प्राय: बच्चों द्वारा अपने खान-पान एवं शरीर के रख-रखाव के प्रति ध्यान नही दिया जाता है, जिसके उनके पेट में कीड़े हो जाते है। अधिक कृमि संक्रमिक बच्चों को आगे चलकर हिमोग्लोबीन नामक बिमारी भी हो जाती है और संबंधित व्यक्ति एनीमिया का शिकार हो जाता है। जिसके लक्षण चक्कर आना, जी मचलना, सिर दर्द होना, उल्टी-दस्त, थकान आदि है, जिससे बचने के लिए हम कृमिनाशक गोली का 6-6 माह में अवश्य सेवन करे। 15 फरवरी को मनाया जाएगा मॉप अप दिवस मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरूण कुमार शर्मा ने बताया कि 15 फरवरी को मॉप अप दिवस मनाया जाएगा। इस दिन छूटे हुए बच्चों का कृमिनाशन किया जाएगा। शाला त्यागी एवं अप्रेवशी बच्चों को भी उनके घर जाकर गोली खिलाने का कार्य होगा। समस्त संस्था प्रमुख कृमिनाशक का सेवन करने वाले बच्चों की रिपोर्ट का पत्रक तैयार करेंगे। Post navigation विश्वकर्मा जयंती पर पंचाल समाज ने निकाली रैली, ब्लड ग्रुप के लिए शिविर आयोजित शतचंडी महायज्ञ के साथ पाटोत्सव का हुआ समापन